BREAKING NEWS
नीमच में खेल मैदान बचाने की मुहिम तेज, सड़क पर.. <<     KHABAR : आईएएस नेहा के खिलाफ सड़क पर अधिकारी, पेन.. <<     NEWS : गुरु शिखर से माउंट आबू तक तिरंगे की धूम, 300.. <<     KHABAR : खरगोन में 80 फीट ऊंचाई पर लहराया विशाल.. <<     KHABAR : नीमच में मैदान बचाओ अभियान ने पकड़ा जोर,.. <<     शाजापुर जिले के पोलायकला में भव्य तिरंगा.. <<     अरावली की सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर और माउंट.. <<     KHABAR : दतिया के ग्राम महाराजपुरा में गूंजा भारत.. <<     BIG NEWS : इंस्टाग्राम पर पाकिस्तानी गैंगस्टरों.. <<     देवास में बड़ा हादसा: जन्मदिन की पार्टी में.. <<     भौरासा में हर घर तिरंगा अभियान के तहत भव्य.. <<     KHABAR : तिरंगा यात्रा में शामिल हुए प्रभारी.. <<     KHABAR : व्हीलचेयर पर तिरंगा लेकर निकले.. <<     दतिया में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उत्साह,.. <<     शिवपुरी के खनियांधाना में भव्य तिरंगा.. <<     KHABAR : महिला तहसीलदार पर रिश्वत और दस्तावेज में.. <<     big news: कांवड़ यात्रा पर साध्वी हर्षा का बड़ा.. <<     KHABAR : पोलायकला में निकली भव्य तिरंगा यात्रा,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 28, 2025, 12:03 pm
KHABAR : दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण पर्युषण महापर्व का आगाज, 10 दिन तक श्रद्धालु करेंगे व्रत और साधना, घर का बना सात्विक भोजन ही करेंगे, पढे़ खबर 

Share On:-

विदिशा। दिगंबर जैन समाज का दशलक्षण पर्युषण महापर्व आज से शुरू हो गया। शहर के सभी जैन मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। इनमें अभिषेक, शांति धारा और पूजन जैसे कार्यक्रम हुए।


10 दिन 10 व्रतों का करेंगे पालन
पर्व के पहले दिन श्रद्धालुओं ने उत्तम क्षमा व्रत का पालन किया। आने वाले दस दिनों में वे नौ और व्रतों का पालन करेंगे, जिनमें उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम सत्य, उत्तम शौच, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम अकिंचन और उत्तम ब्रह्मचर्य शामिल हैं। इन व्रतों का जैन धर्म में विशेष महत्व है।


समाज के पदाधिकारी पंकज जैन ने बताया कि यह महापर्व आत्मसंयम और आत्मकल्याण का प्रतीक है और ’जियो और जीने दो’ का संदेश देता है। इस दौरान जैन धर्म के अनुयायी उपवास, साधना और व्रत करके आत्मसंयम का अभ्यास करेंगे।


वरिष्ठ पदाधिकारी निरंजन पाटनी ने बताया कि इन दिनों समाज के लोग बाहर का भोजन नहीं करेंगे। वे केवल घर का शुद्ध सात्विक भोजन ही ग्रहण करेंगे। सुबह मंदिरों में पूजा-अर्चना और ध्यान होगा, जबकि शाम को महाआरती, भक्तांबर पाठ और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE