सोनकच्छ। यह खबर सिर्फ सूचना नहीं, बल्कि प्रशासन की आंखें खोलने वाली चेतावनी है। सोनकच्छ नगर की जीवनदायिनी कालीसिंध नदी में समीपस्थ ग्राम गंजपुरा की गंदी नालियों का बदबूदार और दूषित पानी सीधे मिल रहा है। यही नदी आगे चलकर नगर की पेयजल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत बनती है, जिससे नगरवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
प्रदेश में इंदौर में दूषित पानी से जुड़ी घटना के बाद जब पूरा प्रशासन सतर्क है, उसी बीच सोनकच्छ में भी हालात कुछ अलग नहीं दिखाई दे रहे। नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सोनकच्छ में भी इंदौर जैसी स्थिति बन सकती है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, ग्राम पंचायत सांवेर के अंतर्गत आने वाले ग्राम गंजपुरा से निकलने वाला गंदा नाला वर्षों से कालीसिंध नदी में छोड़ा जा रहा है। हाल ही में नाले को नई जगह से मोड़कर पिपलेश्वर मंदिर के सामने स्थित घाट पर सीधे नदी में प्रवाहित कर दिया गया है।
स्थिति यह है कि नगर परिषद की पानी की टंकी के ठीक सामने गंदा पानी नदी में गिर रहा है, जहां से नगर को पेयजल की आपूर्ति होती है। डाक बंगला (रेस्ट हाउस) चौराहे से बहता गंदा पानी छत्री घाट के पास कालीसिंध नदी में मिल रहा है। इन क्षेत्रों में नदी का पानी काला पड़ चुका है और तेज दुर्गंध भी साफ महसूस की जा सकती है।
नगरवासियों का कहना है कि पहले भी कई बार नदी में मिल रहे गंदे नालों और बिना शुद्धिकरण छोड़े जा रहे अपशिष्ट को लेकर शिकायतें की गईं, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब हालात और भी गंभीर हो चुके हैं।