नीमच। बेसहारा, बीमार, घायल और दिव्यांग गौवंश की सेवा में जुटी गौ सेवा समिति नीमच के सेवा कार्यों की पहचान अब जिले की सीमाओं से बाहर भी बनने लगी है। इसका उदाहरण शनिवार को देखने को मिला, जब उज्जैन जिले के बड़नगर जनपद के ग्राम बड़गारा निवासी दशरथ सिंह राठौर करीब 230 किलोमीटर की दूरी तय कर अपनी बीमार गाय को निजी वाहन से नीमच स्थित गऊ नंदी सेवा धाम उपचारशाला लेकर पहुंचे।
दशरथ सिंह ने बताया कि उनकी गाय पिछले करीब 15 दिनों से खड़ी नहीं हो पा रही थी। स्थानीय स्तर पर चिकित्सकों से उपचार कराने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आसपास की कई गौशालाओं से संपर्क किया, लेकिन बीमार गौवंश को रखने की व्यवस्था नहीं हो सकी।
इसी दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें नीमच की गौ सेवा समिति के बारे में जानकारी मिली। समिति से संपर्क करने पर गाय को सेवा धाम में रखने और उपचार की अनुमति मिली। इसके बाद दशरथ सिंह किराए के वाहन से गाय को लेकर नीमच पहुंचे।
उन्होंने बताया कि गाय की हालत गंभीर है, लेकिन उसका बेहतर उपचार और सेवा हो सके, इसी उद्देश्य से वे उसे इतनी दूर से नीमच लेकर आए हैं। समिति ने गाय को सेवा धाम में रखकर उसके उपचार और देखभाल की व्यवस्था शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया से दूसरे जिलों तक पहुंची सेवा की जानकारी-
गौ सेवक मितेश अहीर और पार्थ जोशी ने बताया कि समिति जनसहयोग के माध्यम से सड़क पर पड़े बीमार, घायल और असहाय गौवंश को रेस्क्यू कर उपचार एवं सेवा उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। समिति के सेवा कार्यों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से अब दूसरे जिलों तक भी पहुंच रही है। इसके चलते दूर-दराज के लोग भी बीमार गौवंश के उपचार के लिए समिति से संपर्क कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि समिति को अपेक्षित सरकारी सहायता नहीं मिलती, इसके बावजूद जनसहयोग के बल पर सेवा कार्य निरंतर जारी हैं।
बड़गारा से करीब 230 किलोमीटर की दूरी तय कर बीमार गाय को नीमच लाया जाना इस बात का संकेत है कि गौ सेवा समिति के सेवा कार्यों पर अब जिले के बाहर के लोग भी भरोसा करने लगे हैं।