चित्तौड़गढ़। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सभागार में जिला कलेक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएमओ, बीसीएमओ और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसव पूर्व जांच और फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनका सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और पूर्व में जटिल प्रसव के इतिहास वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान पहली तिमाही में ही की जाए। ऐसी महिलाओं की नियमित ट्रैकिंग करते हुए प्रसव की संभावित तारीख से पहले ही उन्हें उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह 9, 18 और 27 तारीख को गर्भवती महिलाओं की कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच चिकित्सा अधिकारी से कराने और उच्च जोखिम वाली महिलाओं की जांच स्त्री रोग विशेषज्ञ से कराने के निर्देश दिए।
साथ ही सीएचओ के माध्यम से हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का नियमित फॉलोअप, प्रत्येक मातृ मृत्यु के कारणों की विस्तृत समीक्षा और सेक्टर बैठकों को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सीएमएचओ डॉ. गुप्ता ने विभागीय गतिविधियों के ब्लॉकवार लक्ष्य और उपलब्धियों की समीक्षा की। अधिकारियों को आभा आधारित ओपीडी को बढ़ावा देने और ओपीडी पर्चियों का शत-प्रतिशत इंद्राज आईएचएमएस सॉफ्टवेयर पर करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा टीबी मुक्त भारत अभियान, मुख्यमंत्री निरोगी राजस्थान योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, नियमित टीकाकरण, ई-प्रिस्क्रिप्शन और सड़क दुर्घटना पीड़ितों के पंजीकरण सहित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।