प्रतापगढ़। जिला मुख्यालय पर बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। शहर में लगे करीब 400 ट्रांसफार्मरों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने, खुले बिजली के तारों और झूलती विद्युत केबलों के कारण आमजन की सुरक्षा खतरे में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार शहर के कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा घेराबंदी अधूरी है। कई स्थानों पर खुले तार, क्षतिग्रस्त केबल और फॉल्ट के बाद असुरक्षित स्थिति बनी हुई है। बरसात के मौसम में यह खतरा और बढ़ गया है।
तीन वर्ष से शिकायतें, समाधान अब तक नहीं-
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई स्थानों की शिकायतें तीन वर्ष से अधिक समय पहले विद्युत विभाग को दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। खुले तार और लटकती केबलें राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए लगातार खतरा बनी हुई हैं।
अधिकारियों का जवाब—‘प्रस्ताव भेज दिया है’
समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों से पूछे जाने पर उनका कहना है कि आवश्यक कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है और उच्च स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। हालांकि नागरिकों का सवाल है कि वर्षों से लंबित समस्या के समाधान के लिए आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा।
सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग-
शहरवासियों ने मांग की है कि जिला मुख्यालय के सभी ट्रांसफार्मरों, विद्युत पोलों, खुले तारों और झूलती केबलों का तत्काल सर्वे कर जोखिम वाले स्थानों की पहचान की जाए तथा आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता से कराए जाएं, ताकि संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।