चित्तौड़गढ़। केन्द्रीय प्रकाशन विभाग की पुस्तक भारत के नारी रत्न में पन्नाधाय की जीवनी और उनके मूल ऐतिहासिक पहचान को बदलने एवं विरांगना पन्नाधाय के इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाते हुए राजस्थान गुर्जर महासभा चित्तौड़गढ़ के तत्वावधान में गुर्जर समाजजनों द्वारा कलेक्ट्रेट चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए पीएम एवं जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर केन्द्र व राज्य सरकार से माँ पन्नाधाय के इतिहास को सही तथ्यों के साथ दर्ज करवाने एवं गुर्जर समाज की अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग की गई।
सौंपे ज्ञापन में बताया कि हाल ही में कुछ पुस्तकों, सोशल मीडिया में मेवाड़ की विरांगना माँ पन्नाधाय को खिची राजपूत बताया गया जो कि गलत है। ऐतिहासिक तथ्यों, लोकसाहित्य एवं गुर्जर समाज की मान्यताओं के अनुसार माँ पन्नधाय का जन्म गुर्जर परिवार हाकला गौत्र के जिला चित्तौड़गढ़ के गांव पांडोली में हुआ। इनका विवाह राजसमंद जिले के गांव कमेरी में गुर्जर परिवार के चौहान गौत्र के सूरजमल गुर्जर के साथ हुआ। उन्होंने अपने बेटे चंदन का बलिदान देकर महाराणा उदयसिंह की जान बचाकर इतिहास रचा था। तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करने से गुर्जर समाज की भावनाएँ आहत हुई। इससे गुर्जर समाज में तनाव एवं भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। ज्ञापन के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार से माँ पन्नाधाय के इतिहास को सही तथ्यों के साथ दर्ज करवाने, इतिहास से छेड़छाड करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करने, पाठ्यक्रमों व सरकारी रिकार्ड में माँ पन्नाधाय के जीवन का सही इतिहास लिखने सहित चित्तौड़गढ़ के पांडोली गांव में निर्माणाधीन माँ पन्नाधाय पनोरमा का कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग की गई।
इस दौरान संभागीय अध्यक्ष श्यामलाल उदयपुर, पहलवान कैलाश गुर्जर सामरी, जिलाध्यक्ष मांगीलाल गुर्जर, अभा गुर्जर महासभा के बाबूलाल, कमल गुर्जर, गेहरीलाल गुर्जर, रामचन्द्र गुर्जर, देशराज गुर्जर, गोरीलाल गुर्जर, मनोज गुर्जर, शंकरलाल काटूंदा सत्यनारायण, लालुराम, गोपाल, नगजीराम मांदलदा, सूरजमल, भेरूलाल, प्रकाश, शम्भू गुर्जर, भूरालाल, पवन, रामरतन, रतन पटेल, किशन, लक्ष्मण गुर्जर, रोशन, देवीलाल सहित कई समाजजन मौजूद रहे।