उज्जैन। रामघाट पर रोजाना होने वाली शिप्रा आरती को लेकर प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों के बीच विवाद की स्थिति बन गई है। करीब 11 साल से शिप्रा किनारे पूजन-पाठ कराने वाले पुरोहित आरती कराते आ रहे हैं। अब महाकाल मंदिर समिति की ओर से बटुकों को आरती की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। गुरुवार को पुरोहितों और मंदिर समिति के बटुकों ने अलग-अलग स्थानों पर आरती की। शुक्रवार शाम को भी विवाद बढ़ने की आशंका है।
प्रशासन ने पुरोहितों को आरती से रोका
गुरुवार को महाकाल मंदिर समिति की ओर से बटुक रामघाट पर शिप्रा आरती करने पहुंचे। इसी दौरान पंडा समिति के पुरोहित भी आरती करने पहुंच गए। एसडीएम एलएन गर्ग ने पुरोहितों से आरती नहीं करने और मंदिर समिति के बटुकों के साथ शामिल होने को कहा।
हालांकि, पुरोहित आरती करने पर अड़े रहे। इसके बाद पुरोहितों ने अपनी जगह पर आरती की, जबकि महाकाल मंदिर समिति के बटुकों ने रामघाट पर दूसरी जगह आरती की।
शुक्रवार को फिर जुटे तीर्थ पुरोहित
शुक्रवार को एक बार फिर तीर्थ पुरोहित रामघाट पर एकत्रित हुए। उन्होंने शाम को होने वाली शिप्रा आरती स्वयं कराने की बात कही है। इधर प्रशासन की टीम भी शाम को रामघाट पहुंचेगी। ऐसे में यदि प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से पुरोहितों की जगह पर ही आरती कराने का प्रयास किया गया तो विवाद बढ़ने की आशंका है।
पंडा समिति बोली-11 साल बाद अचानक कैसे बदला निर्णय
पंडा समिति के राजेश त्रिवेदी ने कहा कि वर्ष 2015 से लगातार तीर्थ पुरोहित शिप्रा आरती कराते आ रहे हैं। पिछले वर्षों में आरती का स्वरूप भी बदला गया और इसे भव्य बनाया गया। उन्होंने कहा कि 11 साल बाद अचानक महाकाल मंदिर समिति को आरती की जिम्मेदारी देना पुरोहितों को बाहर करने जैसा है।
त्रिवेदी ने कहा कि पुरोहित हर हाल में शाम को आरती करेंगे और महाकाल मंदिर समिति को आरती नहीं करने देंगे। उन्होंने प्रशासन से अपना काम करने और पुरोहितों को अपना काम करने देने की बात कही। विरोध के दौरान उन्होंने कहा कि वे कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेंगे।
एसडीएम बोले- साथ आरती करने का प्रस्ताव दिया था
एसडीएम एलएन गर्ग ने बताया कि प्रशासन ने पंडा समिति के पुरोहितों से कहा था कि वे भी महाकाल मंदिर समिति के बटुकों के साथ आरती में शामिल हो जाएं, ताकि दोनों मिलकर आरती कर सकें। हालांकि, पुरोहित इसके लिए तैयार नहीं हुए।
एसडीएम के मुताबिक अब रोजाना शिप्रा आरती महाकाल मंदिर समिति की ओर से कराई जाएगी। शुक्रवार शाम को भी रामघाट पर आरती होगी। इससे पहले से आरती करा रहे तीर्थ पुरोहितों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।