धार। तिरला स्थित शासकीय सांदीपनी हाई सेकेंडरी स्कूल में आदिवासी छात्र-छात्राओं के आंदोलन के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रभारी प्राचार्य सीमा मिश्रा को विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) तिरला के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। यह आदेश 6 अगस्त 2026 को जारी हुआ। उनकी जगह शैलेन्द्र त्रिवेदी, उच्च माध्यमिक शिक्षक, शासकीय उमावि आहूं को अस्थायी रूप से बीईओ का दायित्व सौंपा गया है।
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब शासकीय सांदीपनी हाई सेकेंडरी स्कूल के 11वीं और 12वीं कक्षा के आदिवासी छात्रों ने रसायन शास्त्र शिक्षिका दीपिका शक्तावत पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों ने उन पर जातिगत भेदभाव, मानसिक प्रताड़ना और अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है। छात्रों के अनुसार, पिछले लगभग एक वर्ष से उनके साथ कथित तौर पर भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा था।
छात्रों ने कई बार शिकायतें की थीं
छात्रों ने कई बार लिखित शिकायतें दी थीं और 20 जुलाई को अभिभावकों ने भी आवेदन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 28 जुलाई को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं लगभग 8 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने शिक्षिका को हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
छात्रों ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य पारुल जैन को सौंपे ज्ञापन में प्रभारी प्राचार्य सीमा मिश्रा और संबंधित बीईओ पर भी आरोप लगाए। इन आरोपों में शिकायतों की अनदेखी, छात्रों को डराना-धमकाना और छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं में अनियमितताएं शामिल थीं। सहायक आयुक्त पारुल जैन ने छात्रों को निष्पक्ष जांच और एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
जनजातीय कार्य विभाग ने प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए सीमा मिश्रा को बीईओ तिरला के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया। आदेश में इस बदलाव का कारण शैक्षणिक एवं प्रशासकीय कार्य सुविधा बताया गया है। शैलेन्द्र त्रिवेदी को अस्थायी रूप से विकासखंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है।