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August 7, 2026, 10:41 am
KHABAR : कोई नई योजना लानी है तो 31 अक्टूबर तक बताओ, वित्त विभाग ने विभागों को दिए निर्देश, अगले साल का बजट प्लान तैयार किया, पढे़ खबर

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वित्त विभाग ने आगामी वित्त वर्ष 2027-28 के बजट अनुमान तथा 2028-29 एवं 2029-30 के रोलिंग बजट की तैयारी शुरू कर दी है। किसी विभाग को अगर अगले वित्त वर्ष में कोई नई योजना लानी है तो इसकी जानकारी वित्त विभाग को 31 अक्टूबर तक देना होगी। राज्य सरकार आगामी वर्षों की वित्तीय आवश्यकताओं, विकास योजनाओं और राजकोषीय अनुशासन को ध्यान में रखते हुए रोलिंग बजट प्रणाली में बजट तैयार करेगी।


सभी विभागों के एसीएस, पीएस और सचिवों को गुरुवार को जारी निर्देश में वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026-27 का बजट भी रोलिंग बजट प्रणाली पर आधारित था और अब इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2027-28 के बजट के साथ-साथ अगले दो वर्षों (2028-29 एवं 2029-30) के वित्तीय अनुमान भी तैयार किए जाएंगे। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि बजट तैयार करते समय 'विकसित मध्य प्रदेश-2047' के लक्ष्यों, राज्य की आर्थिक प्राथमिकताओं, राजकोषीय स्थिति तथा विकास योजनाओं को ध्यान में रखा जाए। साथ ही वर्तमान एवं नई योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधानों का वास्तविक आधार पर आकलन किया जाए।


विभागों के लिए ये भी निर्देश
वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों को कहा है कि तय समय-सीमा का कड़ाई से पालन करें। समय सीमा के बाद आईएफएमआईएस पर बजट प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे। विभागों को बजट चर्चा से दो दिन पहले सभी आवश्यक जानकारी BEMS पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी।


वित्त विभाग ने कहा है कि बजट निर्माण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी विभाग समयबद्ध तरीके से प्रस्ताव तैयार कर निर्धारित अवधि में प्रस्तुत करें, ताकि वित्तीय वर्ष 2027-28 का बजट समय पर विधानसभा में प्रस्तुत किया जा सके। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के पुनरीक्षित अनुमान तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।


बजट तय करने का कारण बताना होगा
इस बार हर विभाग को अपने बजट प्रस्ताव का कारण प्रस्तुत करना होगा। योजनावार Detailed Head तक राशि निर्धारण करते समय गणना की इकाई (Unit of Calculation), संभावित हितग्राहियों की संख्या, पूर्व वर्षों के व्यय, योजना की उपलब्धियों और भविष्य की आवश्यकता का स्पष्ट आधार देना अनिवार्य किया गया है।


अप्रभावी योजनाएं होंगी बंद, समान योजनाओं का होगा विलय
वित्त विभाग ने विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसी योजनाओं की पहचान करें जो अपनी उपयोगिता खो चुकी हैं। ऐसी योजनाओं को बंद करने तथा समान उद्देश्य वाली योजनाओं के विलय (Merger) पर विचार किया जाएगा। सभी योजनाओं को प्राथमिकता क्रम में व्यवस्थित करते हुए उपलब्ध संसाधनों का पुनः आवंटन (Re-allocation) किया जाएगा, जिससे सार्वजनिक धन का अधिकतम प्रभाव सुनिश्चित हो सके।


वेतन, महंगाई भत्ता और स्थापना व्यय के लिए स्पष्ट मानक
बजट निर्माण के लिए वेतन मद में हर वर्ष 3 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि का प्रावधान रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं महंगाई भत्ते के लिए वर्ष 2027-28, 2028-29 और 2029-30 के लिये 78 प्रतिशत, 88 प्रतिशत और 98 प्रतिशत का प्रावधान प्रस्तावित करने को कहा गया है। संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 4 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि, संभावित नई नियुक्तियों, सेवानिवृत्तियों तथा IFMIS आधारित पोस्ट मैपिंग को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।


नई योजनाओं पर सख्ती, पहले प्रशासनिक स्वीकृति जरूरी
नई योजनाओं के प्रस्ताव केवल सक्षम प्रशासनिक स्वीकृति के साथ ही स्वीकार किए जाएंगे। विभागों को नई योजनाओं के उद्देश्य, वित्तीय आवश्यकता, अपेक्षित परिणाम और संसाधनों के स्रोत का स्पष्ट विवरण देना होगा। यदि केंद्र सरकार की नई योजना को राज्य बजट में शामिल करना हो तो केंद्रीय बजट प्रस्तुत होने के तीन दिन के भीतर प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजना होगा।

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