रतलाम। कलेक्टर अजय कटेसरिया गुरुवार रात आम व्यक्ति की तरफ मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। वह भी बिना सरकारी गाड़ी और सुरक्षा गार्ड के। बिना जानकारी दिए कलेक्टर एसडीएम तरुण जैन को साथ लेकर खुद प्राइवेट कार चलाकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। कलेक्टर एक घंटे तक मेडिकल कॉलेज के वार्डों से लेकर विभागों में घूमे।
कलेक्टर कटेसरिया ने 4 अगस्त को रतलाम में पदभार ग्रहण किया है। वर्तमान में वह सर्किट हाउस में रुके है। गुरुवार रात एसडीएम को बुलाया। एसडीएम को बिना बताए कार में बैठाकर खुद कार चलाकर रात 9 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। कलेक्टर रात 10 बजे तक मेडिकल कॉलेज के अलग-अलग विभाग में घूमे। लेकिन मेडिकल कॉलेज की डीन व डॉक्टरों को इसकी जानकारी नहीं लग पाई।
आम व्यक्ति की तरह ली जानकारी
कलेक्टर ने भर्ती मरीजों की जानकारी मेडिकल कॉलेज के स्टाफ नर्सों से आम व्यक्ति की तरह ली। स्टाफ को भी पता नहीं चल पाया कि लोअर, टी-शर्ट में यह कलेक्टर है। कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज के स्टाफ से भर्ती मरीजों के इलाज के बारे में भी जाना। कलेक्टर ने भर्ती मरीजों के वार्डों में जाकर देखा। नर्सों से आम व्यक्ति की तरह पूछा कि सर्दी खांसी के मरीजों की सामान्य जानकारी ली। पूछा कि मरीजों को किस प्रकार समस्या आती है। बताया जा रहा है कि कलेक्टर का बिना बताए जाने के पीछे मेडिकल कॉलेज में आए मरीजों से किस तरह की समस्या आती है, स्टाफ का व्यवहार कैसा रहता है जानने के लिए कलेक्टर पहुंचे थे।
अलग-अलग वार्डों को देखा
कलेक्टर ने एसडीएम के साथ नेत्र रोग वार्ड, बाल्य एवं शिशु रोग वार्ड समेत कई वार्डों में चुपचाप जाकर देखा। सबसे बड़ी बात यह रही कि कलेक्टर 1 घंटे तक मेडिकल कॉलेज में घूमे। लेकिन कॉलेज की डीन डॉ. अनिता मूथा से लेकर डॉक्टरों को कलेक्टर की भनक तक नहीं लग पाई। इसके एक दिन पहले बुधवार रात भी कलेक्टर शहर में निकल गए थे। दो बत्ती क्षेत्र में एक सामान्य व्यक्ति की तरह चाट दुकान पर पहुंच चाट खाई थी।
भोपाल से ट्रांसफर होकर आए
कलेक्टर कटेसरिया रतलाम आने के पहले मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग में अपर सचिव तथा कर्मचारी चयन मंडल, मध्यप्रदेश, भोपाल के संचालक के पद पर पदस्थ थे। इसके पहले वह सतना जिले में कलेक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।