नीमच। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश एवं कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की।
त्रिमूर्ति नगर स्थित न्यू निशा सेल्स पर निरीक्षण के दौरान संचालक खाद्य लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रतिष्ठान पर ब्रांडेड पेयजल एवं कार्बाेनेटेड वाटर का भंडारण पाया गया। बिना खाद्य अनुज्ञप्ति के खाद्य व्यवसाय संचालित किए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। यह प्रकरण विवेचना उपरांत अपर कलेक्टर न्यायालय, नीमच में प्रस्तुत किया जाएगा। अधिनियम के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान है।
स्टेशन रोड स्थित श्रीनाथ रेस्टोरेंट से जीरा कार्बाेनेटेड वाटर एवं पतंजलि मैंगो ड्रिंक के नमूने जांच के लिए लिए गए। निरीक्षण में पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिलने पर धारा-32 के तहत सुधार सूचना पत्र जारी किया गया।
इंदिरा नगर स्थित निशा दूध डेयरी एवं प्रोविजन से हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर, जीरा एवं राई के नमूने लिए गए। आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर संचालक को भी धारा-32 के तहत सुधार सूचना जारी की गई।
इसके अलावा 5 अगस्त को गणेश मंदिर के सामने संचालित आठ पानी-पताशा एवं चाट विक्रेताओं से पानी के आठ नमूने एकत्र किए गए। जांच के दौरान मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र, पानी की परीक्षण रिपोर्ट तथा खाद्य निर्माण के दौरान हैंड ग्लव्स एवं हेड कैप का उपयोग नहीं पाए जाने पर सभी संचालकों को सुधार सूचना पत्र जारी किए गए। निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान लिए गए सभी खाद्य नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी, यशवंत कुमार शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा की गई।