खनियाधाना। शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर छात्रावास खनियाधाना में लगातार मिल रही अव्यवस्थाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शिवपुरी कलेक्टर अर्पित कुमार वर्मा ने छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की स्थिति देखकर कलेक्टर महोदय ने कड़ी नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद व्यवस्थापकों को सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण में उजागर हुईं गंभीर खामियां निरीक्षण के दौरान छात्रावास भवन की बदहाली और साफ-सफाई में बरती जा रही भारी लापरवाही खुलकर सामने आई भवन की दुर्दशा छात्रावास भवन की लंबे समय से न तो मरम्मत कराई गई थी और न ही पुताई हुई थी। गंदगी का आलम दीवारों और कोनों में जगह-जगह मकड़ी के जाले व चिड़ियों के घोंसले बने मिले।
अग्नि सुरक्षा एवं बिजली विद्युत बोर्ड में गिलहरियों के घोंसले पाए गए, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ था। सुरक्षा के दृष्टिकोण से फायर सिलेंडर लगाने के तत्काल निर्देश दिए गए। भोजन व्यवस्था रसोईघर का निरीक्षण कर मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की बात कही गई। हेडक्वार्टर पर न रहने को लेकर वार्डन को लगाई फटकार कलेक्टर ने वार्डन श्रीमती पुष्पा गुप्ता को छात्रावास की साफ-सफाई और व्यवस्थाएं तुरंत दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए। सबसे गंभीर मुद्दा वार्डन के हेडक्वार्टर (मुख्यालय) पर न रहने का सामने आया। कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पूछा कि खनियाधाना से 16 किलोमीटर दूर पिछोर में रहना और छात्राओं को रात्रि में छात्रावास में अकेला छोड़ना कहां तक उचित है? उन्होंने सवाल उठाया कि यदि रात के समय किसी बच्ची की तबीयत बिगड़ती है या कोई अनहोनी होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? वार्डन की इस लापरवाही को लेकर छात्राओं के अभिभावकों में भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है कलेक्टर अर्पित कुमार वर्मा ने सख्त लहजे में वार्डन को मुख्यालय पर ही अनिवार्य रूप से निवास करने और छात्रावास की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार लाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।