नीमच। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा प्रशासन एवं जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का शुभारंभ हुआ। जिले में अभियान की शुरुआत मनासा में आयोजित समाधान शिविर से हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक अनिरुद्ध माधव मारू रहे।
विधायक मारू ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और प्रशासन को जनता के और करीब लाना है। शासन की मंशा समाज के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करना और उसे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि केवल शिकायतों का निराकरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्याओं के मूल कारणों की पहचान कर उनका स्थायी समाधान भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने बताया कि आगामी छह माह तक प्रत्येक शुक्रवार समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारी गांवों एवं नगरीय क्षेत्रों में पहुंचकर आमजन की समस्याओं का निराकरण करेंगे। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने और विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
20 क्लस्टरों में लगेंगे समाधान शिविर-
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान प्रशासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बनेगा। जिले में अभियान के लिए 20 क्लस्टर बनाए गए हैं, जिनमें आगामी छह माह तक प्रत्येक शुक्रवार समाधान शिविर आयोजित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। ग्राम स्तर पर प्राप्त होने वाली समस्याओं का यथासंभव स्थानीय स्तर पर ही समाधान किया जाए।
राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश-
कलेक्टर ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को न्यायालयीन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा आरआई एवं पटवारियों को पारित आदेशों का समयबद्ध पालन एवं अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला परियोजना समन्वयक को सात दिवस में सभी विद्यालयों की मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का निरीक्षण कर निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने को कहा।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर जोर-
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने तथा आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजना का लाभ पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
शिविर में कई आवेदनों का मौके पर निराकरण-
समाधान शिविर में नामांतरण, सीमांकन, आयुष्मान कार्ड, ई-केवाईसी, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, लोक सेवा गारंटी, आंगनवाड़ी सेवाओं सहित विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। कई प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों के शीघ्र निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने कानून-व्यवस्था एवं जनसुरक्षा से जुड़े विषयों की जानकारी दी। वनमंडलाधिकारी एस.के. अटोदे ने वन विभाग की योजनाओं एवं वन्यजीवों से होने वाली क्षति के संबंध में राहत प्रावधानों की जानकारी दी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमन वैष्णव ने बताया कि जिले के 20 क्लस्टरों में 8 से 10 ग्राम पंचायतों को शामिल कर नियमित समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश, एसडीएम किरण आंजना, डिप्टी कलेक्टर मयूरी जोक सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।