रतलाम। जिला आपदा प्राधिकरण रतलाम द्वारा जिला दंडाधिकारी मिशा सिंह के मार्गदर्शन में विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से बचाव तथा प्रभावी आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव के नेतृत्व में संकट मोचन बल सेफ्टी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट द्वारा 23 जनवरी को होटल समता सागर में संपन्न हुई।
कार्यशाला में संकट मोचन बल सेफ्टी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, मुंबई (महाराष्ट्र) से आए वरिष्ठ प्रशिक्षक देवीदास पाटील एवं विनय पंगारे द्वारा बोरवेल आपदा से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान बचाव एवं रेस्क्यू ऑपरेशन की विभिन्न तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यशाला में एसडीआरएफ, होमगार्ड, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स एवं एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे, जिन्हें आपदा प्रबंधन से संबंधित आवश्यक किट वितरित की गई। दोपहर पश्चात सेजावत बायपास स्थित निर्माणाधीन ब्रिज के लगभग 50 फीट गहरे गड्ढे से पीड़ित को सुरक्षित बाहर निकालने का लाइव रेस्क्यू डेमो प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा।
जिला आपदा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न आपदाओं से राहत एवं बचाव का यह प्रशिक्षण 01 फरवरी तक जारी रहेगा, जिसमें जिले की विभिन्न तहसीलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक यंत्री पीडब्ल्यूडी ब्रिज रघुनाथ सूर्यवंशी, मैनेजर एनएचएआई सुनील कुमार यादव, उप यंत्री पीएचई विजय सिंह मचार, जिला कमांडेंट होमगार्ड (आपदा प्रबंधन) रोशनी बिलवाल, प्लाटून कमांडर ज्योति बघेल सहित सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ एवं होमगार्ड विभाग के कुल 30 जवान उपस्थित रहे।