नीमच। “एक बगिया माँ के नाम” योजना नीमच जिले में महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा एवं जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्र की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं लगाए गए फलदार पौधों को जीवन देने में जुटी हुई हैं।
जिले में निर्धारित 300 बगिया के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 324 बगिया स्थापित की जा चुकी हैं। प्रत्येक हितग्राही महिला द्वारा संतरा, नींबू एवं अमरूद के 100-100 पौधे लगाए गए हैं, जो लगभग एक वर्ष पूर्ण होने की स्थिति में हैं। भीषण गर्मी के बावजूद महिलाएं टैंकर एवं ड्रिप सिस्टम के माध्यम से पौधों की सिंचाई कर रही हैं। साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए वायर फेंसिंग का कार्य भी किया गया है।
कृषि सखियों एवं ग्राम पंचायत द्वारा समय-समय पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जिसमें सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण एवं कीटनाशक दवा के छिड़काव संबंधी सलाह शामिल है। कृषि सखी संगीता मालवीय द्वारा ग्राम तालखेड़ा, कुचडौद एवं फोफलिया में हितग्राहियों को तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत कुचडौद के ग्राम परासली में नाथी बाई भंवरलाल अहिरवार के संतरे के बगीचे में भी नियमित निगरानी एवं देखभाल की जा रही है। यह परियोजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की दिशा में भी एक प्रेरणादायी पहल साबित हो रही है।