झाबुआ। रानापुर बस स्टैंड पर अव्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के कड़े निर्देशों के बावजूद नगर परिषद उदासीन बनी हुई है। शुक्रवार को कलेक्टर ने स्वयं बस स्टैंड का निरीक्षण कर यातायात सुचारू करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन शनिवार को साप्ताहिक हाट बाजार के दिन स्थिति और बिगड़ गई।
हाट बाजार के दिन बस स्टैंड क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों और अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर परिषद व्यवस्था सुधारने में पूरी तरह विफल रही है। झाबुआ की तर्ज पर शनिवार के हाट बाजार को बस स्टैंड के बजाय कृषि उपज मंडी में स्थानांतरित करने की मांग भी उठ रही है, ताकि शहर को जाम की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
21 मई को दर्ज कराई थी शिकायत
चालक परिचालक कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष हाजी लाला ने 21 मई को कलेक्टर की जनसुनवाई में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में तहसीलदार की सक्रियता से कुछ समय के लिए व्यवस्था में सुधार हुआ था, लेकिन अब स्थिति फिर बिगड़ गई है।
हाजी लाला ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जहां 20 बसों के खड़े होने की जगह है, वहां अब मुश्किल से 4 बसें ही लग पाती हैं, जबकि 400 से अधिक बाइक्स खड़ी रहती हैं, जिससे हर समय बड़ी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस मामले पर नगर परिषद के सीएमओ मिलन पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने हमेशा की तरह फोन रिसीव नहीं किया।
नगर परिषद को स्वयं पहल करनी होगी
रानापुर तहसीलदार हुकमसिंह निगवाल ने कहा कि व्यवस्था सुधारने के लिए नगर परिषद को स्वयं पहल करनी होगी, जिसमें राजस्व टीम पूरा सहयोग देगी। उन्होंने यह भी बताया कि दुकानें बेतरतीब ढंग से लग रही हैं, यहां तक कि तहसीलदार के बंगले के बाहर तक दुकानें लग गई हैं।