भगवानपुरा। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को शासकीय महाविद्यालय भगवानपुरा में मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ भारत माता एवं कारगिल युद्ध में निमाड़ के वीर सपूत अमर शहीद लांस नायक राजेन्द्र यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रकाश सोलंकी ने अपने संबोधन में कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत के गौरवशाली इतिहास का स्वर्णिम दिवस है। कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों का बलिदान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र प्रथम की भावना, राष्ट्रहित, अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा, देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें।
डॉ. सेवक चौहान ने कहा कि कारगिल के वीरों की गाथा आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। कार्यक्रम में प्राध्यापकों ने कारगिल युद्ध के इतिहास, भारतीय सेना के अदम्य साहस तथा शहीदों के सर्वाेच्च बलिदान पर प्रकाश डाला।
विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, भाषण एवं पोस्टर निर्माण के माध्यम से वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. दीपचंद कनोजे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रो. परमा बड़ोले ने व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी डॉ. दिनेश गाठे ने कार्यक्रम की जानकारी प्रदान की।