प्रतापगढ़/धमोतर। संजीवनी सेवा संस्थान द्वारा संचालित ष्एक सज्जनदृएक सहजनष् अभियान के अंतर्गत धमोतर ब्लॉक क्षेत्र में 2100 मोरिंगा (सहजन) के औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना, उनकी आय में वृद्धि करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा परिवारों के स्वास्थ्य में सुधार लाना है।
संस्थान द्वारा चयनित प्रत्येक महिला को 10-10 मोरिंगा के पौधे निःशुल्क प्रदान किए गए। संस्थान के अनुसार नर्सरी में एक पौधे की कीमत लगभग 60 रुपये है, लेकिन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और मोरिंगा की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इनका निःशुल्क वितरण किया गया।
संस्थान ने बताया कि मोरिंगा एक अत्यंत पौष्टिक एवं औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है, जिसकी खेती कम लागत में बेहतर आय का माध्यम बन सकती है। इसकी पत्तियों, फलियों एवं अन्य भागों की बाजार में अच्छी मांग है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण महिलाओं को मोरिंगा की खेती, बागवानी एवं पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
संस्थान द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में महिला वालंटियरों की नियुक्ति भी की गई है, जो पर्यावरण संरक्षण, पौधों की देखभाल एवं संस्थान की योजनाओं की जानकारी महिलाओं तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। ये वालंटियर गांव-गांव जाकर महिलाओं को पौधरोपण, पौधों के संरक्षण तथा स्वरोजगार के नए अवसरों के प्रति जागरूक कर रही हैं।
ब्लॉक धमोतर प्रभारी धापू पाटीदार एवं ललिता पाटीदार ने बताया कि संस्थान की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सतत प्रयास किया जा रहा है। आने वाले समय में भी मोरिंगा पौध वितरण, पर्यावरण संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
संस्थान का मानना है कि यदि प्रत्येक परिवार अपने घर अथवा खेत में मोरिंगा के पौधे लगाकर उनकी नियमित देखभाल करे, तो इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि ग्रामीण परिवारों के स्वास्थ्य एवं आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा।