नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता एवं जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या ने पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में बताया गया कि नीमच जिले ने एफआरएस प्रणाली एवं आंगनवाड़ी संचालन में न्यूनतम 21 दिवस उपस्थिति, अति गंभीर कुपोषित बच्चों के श्रेणी सुधार में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही आभा आईडी में प्रदेश में तीसरा, अपार आईडी में चौथा, गर्म पका भोजन वितरण में पांचवां, टेक होम राशन वितरण में दूसरा तथा शाला पूर्व शिक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। संभाग स्तर पर भी जिला सभी मानकों में प्रथम स्थान पर रहा।
कलेक्टर चंद्रा ने इन उपलब्धियों पर टीम को बधाई देते हुए कार्य की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि 15 जून 2026 तक एफआरएस, आभा आईडी एवं अपार आईडी का शेष कार्य पूर्ण किया जाए तथा कोई भी बच्चा वजन परीक्षण से वंचित न रहे।
उन्होंने सभी आंगनवाड़ियों में पोषण वाटिका विकसित करने, नियमित संचालन सुनिश्चित करने, सैम एवं मैम बच्चों का नामवार चिन्हांकन कर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा एनआरसी में बच्चों की नियमित भर्ती के निर्देश दिए। साथ ही एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी कार्यक्रम के तहत समुदाय की भागीदारी बढ़ाकर कुपोषण उन्मूलन पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर ने लापरवाह कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करने तथा गर्म पका भोजन एवं टेक होम राशन वितरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में सीएमएचओ डॉ. दिनेश प्रसाद, सहायक संचालक वैभव बैरागी, समस्त बीएमओ, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं ब्लॉक समन्वयक उपस्थित रहे।