चित्तौड़गढ़। जिले के नव पदस्थापित पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में जिले के सभी पुलिस अधिकारियों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों, वृत्त अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की उपस्थिति में पहली अपराध गोष्ठी आयोजित कर कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की समीक्षा की।
गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने आदतन अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों, स्थायी वारंटियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि अपराधियों में कानून का भय स्थापित करना पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसपी धर्मेंद्र सिंह ने मादक पदार्थ तस्करी, अवैध हथियार, संगठित अपराध एवं अन्य गंभीर मामलों में शामिल अपराधियों की अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें फ्रीज एवं जब्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है।
बैठक में जिले में अवैध खनन गतिविधियों पर भी विशेष चर्चा हुई। एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों को नियमित निगरानी रखने तथा अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशील एवं त्वरित कार्रवाई, साइबर अपराधों की रोकथाम, प्रभावी गश्त, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी तथा आमजन की शिकायतों के समयबद्ध निराकरण पर भी विशेष जोर दिया।
एसपी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना और अपराधियों में कानून का भय कायम करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने का आह्वान किया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, भगवत सिंह, जिले के समस्त डीएसपी, थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक जोधाराम सहित विभिन्न शाखाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।