इंदौर। जल संरक्षण और सौर ऊर्जा को लेकर चलाए जा रहे जनजागरण अभियान का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को वार्ड क्रमांक-34 का दौरा कर जल संरक्षण और सोलर एनर्जी से जुड़े मॉडल देखे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय रहवासियों और प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद कर सुझाव भी लिए।
शिव वाटिका में देखा जल संरक्षण मॉडल
महापौर ने शिव वाटिका पहुंचकर स्थानीय रहवासियों द्वारा तैयार किए गए जल संरक्षण मॉडल का निरीक्षण किया। यहां गार्डन परिसर में एक कुआं बनाया गया है, जिसमें रिचार्ज शाफ्ट के जरिए बारिश के पानी का संग्रहण और भूजल रिचार्ज किया जाता है। रहवासियों ने बताया कि इस व्यवस्था से क्षेत्र का भूजल स्तर बना रहता है और आसपास की बोरिंग भी सूखती नहीं हैं।
महापौर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण में जनभागीदारी सबसे जरूरी है और ऐसे प्रयास अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक हैं।
सोलर पैनल लगाने वाले परिवारों से मिले
वार्ड भ्रमण के दौरान महापौर उन परिवारों के घर भी पहुंचे, जिन्होंने अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाए हैं। उन्होंने परिवारों से सौर ऊर्जा के फायदे समझे और अन्य नागरिकों को भी इसे अपनाने की अपील की। महापौर ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग भविष्य के लिए जरूरी है।
प्रधानमंत्री के आह्वान पर प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के तहत महापौर ने वार्ड-34 की ग्रीन कंचन विहार कॉलोनी में प्रबुद्ध नागरिकों से भी मुलाकात की। उन्होंने सेवानिवृत्त एसबीआई बैंक प्रबंधक नवीन चंद्र व्यास और न्यायाधीश जितेंद्र सिंह कुशवाहा से मुलाकात कर शहर विकास, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनभागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
महापौर ने कहा कि अनुभवी और जागरूक नागरिकों के सुझाव विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
ई-रिक्शा से पहुंचे महापौर
अपने संकल्प के अनुसार महापौर पुष्यमित्र भार्गव शुक्रवार को ई-ऑटो से क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे। उनका कहना है कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जनप्रतिनिधियों को भी उदाहरण पेश करना चाहिए।