प्रतापगढ़। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने छात्र हितों से जुड़ी मांगों को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलन के पहले दिन परिषद कार्यकर्ताओं ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रतीकात्मक ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
परिषद का कहना है कि पूर्व में सौंपे गए ज्ञापनों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते आंदोलन शुरू करना पड़ा। एबीवीपी कार्यकर्ता विशाल डांगी ने बताया कि परिषद ने जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रशासन को प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा था। इनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू सेमेस्टर प्रणाली में बढ़ाए गए परीक्षा एवं अन्य शुल्कों को वापस लेने या कम करने की मांग प्रमुख है।
इसके अलावा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, प्रतापगढ़ में एम.एससी. गणित, एम.एससी. भौतिक विज्ञान और एम.ए. अर्थशास्त्र विषय शुरू करने की मांग भी परिषद ने उठाई है, ताकि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
महाविद्यालयों के नामकरण की भी उठाई मांग
परिषद ने जिले के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों का नाम जनजातीय और सामाजिक प्रेरणा स्रोतों के सम्मान में गोविंद गुरु, भगवान बिरसा मुंडा और वीर बाला कालीबाई भील के नाम पर रखने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है।
कार्रवाई नहीं होने से छात्रों में नाराजगी
एबीवीपी का आरोप है कि ज्ञापन सौंपे जाने के बाद भी संबंधित विभागों और प्रशासन की ओर से किसी भी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया। परिषद का कहना है कि इस उदासीन रवैये से छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है। इसी विरोध के तहत कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर प्रतीकात्मक ताला लगाकर प्रदर्शन किया और छात्र हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
एबीवीपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। परिषद ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र हितों को प्राथमिकता देते हुए जल्द आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है।