खंडवा। जिले की गुड़ी रेंज के आमा खुजरी जंगल में वन भूमि खाली कराने के लिए हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील के ग्राम घाघरला के ग्रामीणों और वन सुरक्षा समिति सदस्यों ने समर्थन किया है। उन्होंने इस कार्रवाई को उचित बताते हुए बुरहानपुर जिले में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रखने की मांग की।
इसे लेकर ग्राम पंचायत घाघरला के ग्रामीण और वन सुरक्षा समिति सदस्यों ने डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार से मुलाकात की। ग्रामीणों ने बताया कि वे घाघरला के निवासी और वन सुरक्षा समिति के सदस्य हैं। अधिकांश आदिवासी कोरकू समाज के लोग कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। वे प्रकृति प्रेमी हैं और वनों की सुरक्षा कर रहे हैं, साथ ही गौपालन का काम भी करते हैं।
आरोप- अतिक्रमणकारी वन उजाड़ रहे
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले कई सालों से बाहर से आए अतिक्रमणकारियों द्वारा वनों का विनाश किया जा रहा है, जिससे पशु और वन्य जीव संकट में हैं। उनके अनुसार, बाहरी अतिक्रमणकारी वनों को काटकर नुकसान पहुंचा रहे हैं।
वन विभाग द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर वे इसे आदिवासी अत्याचार बताकर शासन-प्रशासन पर दबाव बनाते हैं और महिलाओं को आगे कर कार्रवाई रोकने का प्रयास करते हैं।
खंडवा में हमले के प्रशासन ने सख्ती की थी
जिला प्रशासन को दिए गए पत्र में ग्रामीणों और वन सुरक्षा समिति सदस्यों ने खंडवा के आमा खुजरी वन क्षेत्र में हुई घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां वन विभाग की टीम पर पत्थर, गोफन और लाठियों से हमला किया गया था, जिसमें आठ वनकर्मी घायल हुए थे।
इसके बाद वन विभाग ने अभियान चलाकर जेसीबी से खंतियां खुदवाईं। आदिवासी कोरकू समाज इस कार्रवाई का पूरी तरह समर्थन करता है और मांग करता है कि वनों को क्षति पहुंचाने वाले अतिक्रमणकारियों पर बुरहानपुर जिले में भी सख्ती से कार्रवाई की जाए।