चित्तौड़गढ़। राष्ट्रसंत श्री कमल मुनि जी कमलेश को संस्कृति संरक्षण, विकास एवं विश्व शांति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सऊदी अरब की संस्था सुप्रीम काउंसिल ऑफ अरब क्लांस फॉर कल्चर डेवलपमेंट एंड पीस द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया है।
उन्हें डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की मानद उपाधि मिलने पर जैन समाज में हर्ष का माहौल है। जैन चित्तौड़गढ़ संघ के महामंत्री राजेश सेठिया ने कहा कि राष्ट्रसंत कमल मुनि जी लंबे समय से संस्कृति संरक्षण, विश्व शांति, मानव सेवा एवं जीव दया के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रसंत की प्रेरणा से जैन दिवाकर विचार मंच के माध्यम से देशभर में हजारों लोग समाज सेवा, देश सेवा और जीव सेवा से जुड़े हैं। उनके सेवा कार्यों को वैश्विक स्तर पर मिली यह मान्यता सकल जैन समाज और देश के लिए गौरव की बात है।
इस उपलब्धि पर श्रमण संघ अध्यक्ष किरण डांगी, महामंत्री राजेश सेठिया, मंत्री प्रदीप बाबेल, श्री जैन दिवाकर संगठन समिति चित्तौड़गढ़ अध्यक्ष राजेश सेठिया, सुधीर जैन, कोषाध्यक्ष अनिल पटवारी, महिला परिषद अध्यक्ष संगीता चिप्पड़, मंत्री स्मिता तरावट, वरिष्ठ श्रावक एवं पत्रकार संजय खाबिया, प्रकाश नाहर सहित अन्य पदाधिकारियों ने राष्ट्रसंत को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।