छतरपुर। जिला अस्पताल में बुधवार सुबह कलेक्टर मृणाल मीणा के अचानक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने सबसे पहले ओपीडी की व्यवस्थाएं देखीं, जहां कई डॉक्टर अपने चौंबर में मौजूद नहीं मिले। डॉक्टरों की गैर-मौजूदगी पर उन्होंने नाराजगी जताई और सिविल सर्जन को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। निरीक्षण में ड्यूटी रोस्टर की व्यवस्था भी ठीक नहीं मिली। कलेक्टर ने डॉक्टरों की समय पर मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने के निर्देश दिए।
कौन डॉक्टर राउंड पर था, इसकी भी दर्ज होगी जानकारी
कलेक्टर मृणाल मीणा ने बताया कि ओपीडी का निरीक्षण यह देखने के लिए किया गया था कि डॉक्टर तय समय पर मरीजों के लिए उपलब्ध हैं या नहीं। निरीक्षण के दौरान कई डॉक्टर अपनी सीट पर नहीं थे। अस्पताल में यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया कि संबंधित डॉक्टर राउंड पर गए थे या ड्यूटी पर आए ही नहीं।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर के अस्पताल परिसर में पहुंचते ही बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज होनी चाहिए। इससे यह स्पष्ट रहेगा कि कौन डॉक्टर सुबह 9 बजे तक ड्यूटी पर पहुंचा है। अगर कोई डॉक्टर राउंड पर जाता है, तो उसकी जानकारी भी दर्ज होनी चाहिए, ताकि अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन को डॉक्टरों की मौजूदगी की सही जानकारी मिल सके।
गैर-मौजूद डॉक्टरों की होगी हाजिरी की जांच
निरीक्षण के दौरान तय समय पर ड्यूटी पर नहीं मिले डॉक्टरों की हाजिरी की जांच की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई डॉक्टर बिना उचित कारण के गैर-मौजूद पाया जाता है, तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने सिविल सर्जन को अस्पताल की व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
सफाई के बाद भी जगह-जगह मिली गंदगी
कलेक्टर ने अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सफाई के बाद भी अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी और थूकने के मामले सामने आए। इससे पहले भी अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी करने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए थे।
सुरक्षा कर्मी नहीं मिला, एजेंसी को नोटिस
कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी जरूरी है, ताकि लोग सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न करें और व्यवस्था बनी रहे। बुधवार सुबह निरीक्षण के दौरान संबंधित स्थान पर सुरक्षा कर्मी ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिला। इस पर कलेक्टर ने संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
एक दिन का वेतन काटने के निर्देश
सुरक्षा कर्मी के ड्यूटी से नदारद मिलने पर संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी करने और कर्मचारी का एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट किया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के साथ डॉक्टरों की समय पर मौजूदगी, सुरक्षा और साफ-सफाई व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।