चित्तौड़गढ़। जिले में लम्पी स्किन डिजीज (LSD) की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए पशुपालन विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संयुक्त निदेशक पशुपालन ने पशुपालकों एवं आमजन से सतर्कता बरतने तथा पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा पशु चिकित्सा चल इकाई (MVU-1962) को सूचना देने की अपील की है।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि लम्पी स्किन डिजीज (LSD) गौवंश में होने वाला संक्रामक विषाणुजनित रोग है। यह कैप्रीपॉक्स वायरस के कारण होता है। इसका प्रसार मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी एवं चिचड़ (टिक्स) के माध्यम से होता है। यह रोग मुख्यतः गौवंश में पाया जाता है।
ये हैं लम्पी रोग के प्रमुख लक्षण-
संक्रमित पशु में तेज बुखार, सुस्ती एवं भूख में कमी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा त्वचा पर लगभग 2 से 5 सेंटीमीटर आकार की गोल, कठोर एवं उभरी हुई गांठें बनना, आंख एवं नाक से तरल पदार्थ निकलना, पैरों में सूजन तथा दुग्ध उत्पादन में कमी भी इसके प्रमुख लक्षण हैं।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि वर्तमान में राज्य के कुछ जिलों में इस बीमारी का प्रकोप पाया गया है। जिले में पशुपालन विभाग द्वारा गौवंश में LSD से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि पशुओं में उपरोक्त लक्षण दिखाई देने पर बिना विलंब किए निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा पशु चिकित्सा चल इकाई MVU-1962 को सूचना दें तथा आवश्यक उपचार एवं मार्गदर्शन प्राप्त करें।
बचाव एवं रोकथाम के लिए इन बातों का रखें ध्यान
संयुक्त निदेशक ने पशुपालकों से अपील की है कि—
संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें।
पशु बाड़े में मच्छर, मक्खी एवं चिचड़ के नियंत्रण के लिए विभागीय सलाह के अनुसार 1 प्रतिशत साइपरमेथ्रिन का छिड़काव करें।
गौवंश के आसपास नीम की पत्तियों का धुआं कर कीट नियंत्रण में सहयोग करें।
प्रभावित क्षेत्रों से पशुओं की खरीद-बिक्री एवं अनावश्यक परिवहन से बचें।
संक्रमित पशु के घावों की सफाई एवं उपचार पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार करें तथा आवश्यक एंटीसेप्टिक उपचार कराएं।
संक्रमित मृत पशु के संपर्क में आई वस्तुओं एवं स्थानों को विभागीय निर्देशानुसार 2 प्रतिशत फिनायल अथवा उपयुक्त कीटाणुनाशक घोल से कीटाणुरहित करें।
मृत पशु के निस्तारण के दौरान निर्धारित जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें तथा आबादी क्षेत्र से बाहर सुरक्षित स्थान पर पर्याप्त गहराई में पशु का निस्तारण करें।