कुकड़ेश्वर। आठ दिवसीय पर्वाधिराज पर्युषण पर्व के अवसर पर स्थानक भवन में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक आराधनाओं के आयोजन किए जा रहे हैं। धर्म से व्यक्ति का जुड़ाव बना रहे, वह धार्मिक गतिविधियों में निरंतर सहभागी बने तथा पापकर्मों से बचते हुए आत्मकल्याण की ओर अग्रसर हो, इसी उद्देश्य से रविवार को स्थानक भवन में श्रीसंघ की उपस्थिति में समता शाखा का आयोजन किया गया।
समता शाखा के दौरान नवकार मंत्र का जाप, अरिहंत-सिद्ध भगवान की स्तुति, बारह भावनाओं का वाचन, आचार्य रमेश मुनि चालीसा, संघ समर्पण गीत सहित विभिन्न धार्मिक स्तुतियों एवं भजनों की प्रस्तुति हुई। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ धार्मिक आराधना में सहभागिता की। इस दौरान भगवान के जयकारों से पूरा स्थानक भवन गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।
‘स्वयं से करें सवाल- मैं कौन हूं और जीवन का उद्देश्य क्या है’
कार्यक्रम में समता प्रचार संघ से पधारे स्वाध्याय बंधु पूर्ण प्रकाश गांधी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में यह चिंतन करना चाहिए कि मैं कौन हूं, कहां से आया हूं और किस उद्देश्य से जीवन जी रहा हूं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य अक्सर भौतिक पदार्थों को सर्वोपरि मानकर उनकी प्राप्ति के लिए अनेक बार असत्य और दुष्प्रवृत्तियों में उलझ जाता है। इसके विपरीत सही पुरुषार्थ, संयम और आत्मचिंतन के माध्यम से व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को पहचान सकता है तथा आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पर्युषण पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संयम, तप, त्याग और आत्मशुद्धि का पर्व है। इन दिनों की जाने वाली धार्मिक आराधना व्यक्ति को अपनी जीवनशैली, विचारों और कर्मों का आत्मावलोकन करने तथा उनमें आवश्यक सुधार की प्रेरणा देती है।
बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने लिया भाग
इस अवसर पर स्वाध्याय बंधु पूर्ण प्रकाश गांधी, विजय जैन जावद सहित स्थानकवासी जैन संघ के सागरमल फांफरिया, विजय श्रीमाल, अशोक जोधावत, शैलेंद्र जोधावत, प्रकाश एस. जैन, छोटू जोधावत, अंजलि जोधावत, संघ अध्यक्ष सतीश खाबिया सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।