BREAKING NEWS
KHABAR : पांच नाबालिग सहेलियां घर से बिना बताए.. <<     KHABAR : नही मिली आंदोलन की अनुमति, भीम आर्मी ने.. <<     KHABAR : 5 महीने में 43 बैगा बच्चों की मौत का दावा,.. <<     BIG NEWS : जीरन में दो दिवसीय दशहरा उत्सव, लाफ्टर शो.. <<     BIG NEWS : कच्चे रास्ते से नशे की खेप लेकर जा रहा था.. <<     BIG NEWS : 8 महीने से खाली था एमपी बीजेपी का संगठन.. <<     SHORT : नीमच मंडी में लहसुन की बंपर आवक, 10 हजार.. <<     KHABAR : मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत.. <<     BIG NEWS : एमपी के शिक्षकों की 15-20 हजार तक बढ़ेगी.. <<     KHABAR : सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न.. <<     KHABAR : इलेक्शन कमीशन विवाद, 28 सितंबर को एमपी.. <<     BIG VIDEO : गरमा-गर्मी में युवती को मारा थप्पड़, अब हो.. <<     KHABAR : महाकाल परिसर स्थित सिद्धि विनायक मंदिर.. <<     KHABAR : सेगांव में दो समाजों की धर्मशाला का.. <<     KHABAR : स्कूल बस-बाइक की जोरदार भिड़ंत, 48 वर्षीय.. <<     BIG NEWS : नीमच में PPP मॉडल की आहट से मेडिकल कॉलेज के.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 24, 2026, 4:14 pm
BIG NEWS : एमपी के शिक्षकों की 15-20 हजार तक बढ़ेगी सैलरी, 70 हजार टीचर्स को 10 साल का एरियर, एमपी हाईकोर्ट ने सरकार को 4 सप्ताह दिए, पढे़ खबर

Share On:-

जबलपुर हाईकोर्ट ने शिक्षकों की नौकरी का समय पहली नियुक्ति की तारीख से जोड़ने के मामले में सरकार को 4 हफ्ते में आदेश का पालन करने को कहा है। इससे करीब 70 हजार शिक्षकों को सीनियरिटी, वेतन बढ़ोतरी, पेंशन और दूसरे फायदे मिल सकते हैं।


सैलरी में करीब 15 से 20 हजार रुपए तक का इजाफा और 10 साल का एरियर मिलने का रास्ता भी खुल सकता है। राज्य सरकार की SLP सुप्रीम कोर्ट 24 अगस्त को खारिज कर चुका है। इसके बाद दायर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने यह समय दिया है। अगली सुनवाई 21 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।


सरकार ने मांगा था समय
अवमानना मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक खोट की सिंगल बेंच में हुई। सरकार की ओर से आदेश का पालन करने के लिए समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र आर्य और सरकार की ओर से एएस बघेल ने पक्ष रखा।


2006 से मिलना था छठे वेतनमान का फायदा
शिक्षकों का कहना है कि छठा वेतनमान 1 जनवरी 2006 से लागू हुआ था, लेकिन उन्हें इसका लाभ 2016 से दिया जा रहा है। उनका तर्क है कि पहली नियुक्ति से सेवा जोड़ने पर 2006 से ही वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए। इससे 10 साल का बकाया बन सकता है।


शिक्षकों के मुताबिक, प्रत्येक शिक्षक को करीब 7 से 8 लाख रुपए तक मिल सकते हैं। इस पर 12% ब्याज दिए जाने की बात भी सामने आई है। इससे मासिक वेतन में करीब 15 से 20 हजार रुपए तक का अंतर पड़ सकता है।


497 शिक्षकों ने शुरू की थी कानूनी लड़ाई
राजेश पांडेय समेत 497 शिक्षकों ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। उनका कहना था कि सरकार ने शिक्षा विभाग में संविलियन के लिए 2018 से पहले की उनकी शिक्षकीय सेवा को मान्यता नहीं दी।


शिक्षकों ने मांग की कि नौकरी की अवधि पहली नियुक्ति से मानी जाए, ताकि उसी आधार पर उन्हें सीनियरिटी, वेतन बढ़ोतरी, पेंशन और दूसरे लाभ मिल सकें।


सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती
हाईकोर्ट के शिक्षकों के पक्ष में फैसले के बाद राज्य सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार की ओर से SLP दाखिल की गई, जिसे 24 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका लगाकर आदेश का पालन कराने की मांग की।


टीचर्स बोले- सरकार को हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करनी चाहिए
शिक्षक नेता उपेंद्र कौशल ने कहा - सुप्रीम कोर्ट से मामला खारिज होने के बाद अब सरकार को हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करनी चाहिए। शिक्षकों को उम्मीद है कि पहली नियुक्ति से नौकरी की अवधि जोड़ने के साथ लंबित सेवा लाभ भी मिलेंगे।


600 से ज्यादा कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति
इधर, शिक्षक संगठनों ने 600 से ज्यादा दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने के फैसले पर राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग का आभार जताया। संगठनों का कहना है कि इससे प्रभावित परिवारों को नौकरी के साथ आर्थिक और सामाजिक सहारा मिलेगा।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE