छिंदवाड़ा। देहात थाना क्षेत्र के ग्राम गांगीवाड़ा से लापता हुईं पांच नाबालिग बालिकाओं को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर धार जिले के पीथमपुर से दस्तयाब कर लिया। पुलिस के अनुसार पांचों सहेलियां परिजनों की डांट से नाराज होकर बिना बताए एक साथ घर से निकल गई थीं। पुलिस ने साइबर तकनीक की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें पीथमपुर सेक्टर-3 से खोज निकाला।
दरअसल, 21 सितंबर को पांचों नाबालिग बालिकाओं के परिजनों ने देहात थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पांच अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए देहात थाना प्रभारी जीएस राजपूत की टीम ने तत्काल जांच शुरू की।
मोबाइल की लोकेशन से पीथमपुर पहुंची पुलिस
पुलिस टीम ने बालिकाओं के घर जाकर परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। जांच के दौरान पता चला कि एक नाबालिग के पास मोबाइल फोन है और वह चालू है। इसके बाद साइबर सेल की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई। लोकेशन पीथमपुर सेक्टर-3, धार की मिलने पर पुलिस टीम तत्काल पीथमपुर रवाना हुई।
वहां पांचों बालिकाएं एक साथ मिल गईं। पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि मोबाइल देखने, पढ़ाई नहीं करने और काम नहीं करने की बात को लेकर परिजनों ने उन्हें डांटा था। इसके बाद पांचों सहेलियों ने घर में बिना बताए पीथमपुर जाकर काम करने का फैसला किया और वहां पहुंच गईं।
बाल कल्याण समिति ने की काउंसलिंग
पुलिस ने पांचों बालिकाओं को 22 सितंबर को दस्तयाब किया। धार जिला बाल कल्याण समिति के सामने उनकी काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद सभी को छिंदवाड़ा लाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। फिलहाल काउंसलिंग के लिए उन्हें वन स्टॉप सेंटर, छिंदवाड़ा में रखा गया है।
पुलिस की कार्रवाई में देहात थाना प्रभारी निरीक्षक जीएस राजपूत, निरीक्षक करिश्मा चौधरी, उपनिरीक्षक हर्ष नागले, सहायक उपनिरीक्षक राजेश रघुवंशी, सहायक उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रताप यादव, महिला आरक्षक राजकुमारी, महिला आरक्षक प्रमिला, आरक्षक ब्रजेश और साइबर सेल के आरक्षक आदित्य रघुवंशी की विशेष भूमिका रही।