मध्यप्रदेश के युवाओं को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल निखारने का अवसर देने के लिए मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत 559 ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग पद उपलब्ध कराए हैं।
डिग्री, डिप्लोमा या अन्य निर्धारित शैक्षणिक योग्यता हासिल करने के बाद रोजगार के अवसर तलाश रहे युवा कंपनी के विभिन्न कार्यालयों और विद्युत गृहों में एक वर्ष का व्यावहारिक प्रशिक्षण ले सकेंगे। पात्र प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 8,000 से 10,000 रुपए प्रतिमाह तक स्टाइपेंड दिया जाएगा।
जल एवं ताप विद्युत गृहों में मिलेगा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत कंपनी ने प्रशिक्षण के लिए कुल 559 पद स्वीकृत किए हैं। युवाओं को जबलपुर स्थित कंपनी मुख्यालय के साथ प्रदेश के विभिन्न जल एवं ताप विद्युत गृहों में काम करते हुए व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। इलेक्ट्रीशियन, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एवं सिस्टम मेंटेनेंस, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, स्टेनो (हिंदी/अंग्रेजी), सिविल इंजीनियरिंग, मानव संसाधन और अकाउंट्स सहित विभिन्न कार्यश्रेणियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इससे युवा अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप विद्युत उत्पादन और कंपनी के अन्य कार्यक्षेत्रों की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे।
एक साल की ट्रेनिंग, एक महीने बाद स्टाइपेंड
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित पात्रता के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित प्रशिक्षणार्थियों को उनकी कार्यश्रेणी और जिले के अनुसार कंपनी के विभिन्न विद्युत गृहों एवं कार्यालयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण शुरू होने के एक माह बाद पात्र प्रशिक्षणार्थियों को 8,000 से 10,000 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलना शुरू होगा। प्रशिक्षण की कुल अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है।
18 से 29 वर्ष के स्थानीय युवा कर सकेंगे आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना जरूरी है। आयु 18 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए। संबंधित कार्यश्रेणी के अनुसार 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
आवेदन प्रक्रिया 23 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 15 अक्टूबर 2026 की रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।