हरदा। गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर असवनराम चिरामन को ज्ञापन सौंपकर सोयाबीन और मक्का की समर्थन मूल्य पर जल्द खरीदी शुरू करने, खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने, रबी सीजन से पहले नहरों की सफाई- मरम्मत और किसानों को 12 घंटे नियमित बिजली देने की मांग की।
मंडियों में भाव गिरने से किसानों को नुकसान
किसानों ने ज्ञापन में बताया कि हरदा जिले में खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के समय मंडियों में भाव गिर जाते हैं, जिससे उन्हें कम कीमत पर उपज बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
अभी सोयाबीन 700 से 800 रुपए और मक्का 500 से 700 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है। किसानों ने मांग की है कि दोनों फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी जल्द शुरू की जाए, ताकि उन्हें कम दाम पर उपज बेचने की मजबूरी न रहे।
खाद की ऑनलाइन व्यवस्था में सर्वर की समस्या
किसानों ने खाद वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कालाबाजारी रोकने के लिए शुरू की गई व्यवस्था के कारण अब किसानों को डिजिटल लाइन और सर्वर की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
कई जगह खाद उपलब्ध होने के बावजूद सर्वर एरर और पोर्टल से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। संगठन ने मांग की है कि ऑनलाइन व्यवस्था की तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर किया जाए।
यदि समस्या समय पर ठीक नहीं होती है तो वैकल्पिक तौर पर ऑफलाइन खाद वितरण की व्यवस्था की जाए। किसानों ने DAP, NPK और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ खाद की कालाबाजारी और गलत वितरण पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
रबी सीजन से पहले नहरों की सफाई और मरम्मत
किसान संगठन ने रबी सीजन शुरू होने से पहले जिले की नहरों की पूरी सफाई और मरम्मत कराने की मांग की है। संगठन के अनुसार कई नहरें जर्जर स्थिति में हैं। समय पर सफाई नहीं होने और हेड, गेट सहित अन्य संरचनाओं की मरम्मत नहीं होने से पानी के रिसाव और अनावश्यक बहाव की समस्या बनी रहती है।
मांग की गई है कि पानी छोड़े जाने से पहले प्रमुख नहरों और माइनरों की सफाई, क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत तथा हेड और गेट की जरूरी मरम्मत पूरी कराई जाए। नहरों के अंतिम छोर यानी टेल क्षेत्र के किसानों तक भी पर्याप्त पानी पहुंचाना सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
किसानों को 12 घंटे नियमित बिजली देने की मांग
संगठन ने कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त और नियमित बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों के अनुसार कई क्षेत्रों में बिजली कटौती, कम वोल्टेज, ट्रिपिंग और अनियमित आपूर्ति की समस्या रहती है।
किसानों ने मांग की है कि घोषित अवधि के अनुसार उन्हें नियमित 12 घंटे कृषि बिजली दी जाए। खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए और कम वोल्टेज व बार-बार ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि रबी सीजन में सिंचाई प्रभावित न हो।