चित्तौड़गढ़। बड़ीसादड़ी थाना पुलिस ने विद्युत पावर ट्रांसफॉर्मर से ऑयल चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चार ट्रैक्टरों को जब्त कर उनकी टंकियों से करीब 175 लीटर विद्युत पावर ट्रांसफॉर्मर ऑयल बरामद किया। मामले में दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी डिटेन किया गया है। मौके से फरार हुए दो संदिग्धों को पुलिस ने नामजद किया है।
ट्रांसफॉर्मर से 225 लीटर ऑयल चोरी-
पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर 2026 को कनिष्ठ अभियंता गोविंद धाकड़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जरखाना जीएसएस के पावर ट्रांसफॉर्मर से अज्ञात व्यक्तियों ने ऑयल चोरी किया है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर जांच की गई तो 5 एमवीए क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर क्रमांक 46999 का वॉल खोलकर करीब 225 लीटर ऑयल चोरी होना सामने आया।
रिपोर्ट के आधार पर बड़ीसादड़ी थाने में प्रकरण संख्या 231/2026 के तहत बीएनएस की धाराओं 305(ए), 305(ई), 112(2), 3(5) तथा विद्युत अधिनियम की धारा 136 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
चार ट्रैक्टरों में मिला चोरी का ऑयल-
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह के निर्देशन और पुलिस उप अधीक्षक हरिशचंद्र सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी भगवानलाल के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने मुखबिर की सूचना पर भूरकिया मोड़ भट्टा, बड़ीसादड़ी से मंगलवाड़ जाने वाले मार्ग पर चार संदिग्ध ट्रैक्टरों को रुकवाया।
पुलिस के अनुसार, इनमें से दो व्यक्ति मौके से फरार हो गए, जबकि तीन लोगों को डिटेन कर ट्रैक्टरों की जांच की गई। चारों ट्रैक्टरों की तेल टंकियों में विद्युत पावर ट्रांसफॉर्मर का ऑयल मिला। कार्रवाई में अशोक पिता बाबूसिंह रावत निवासी मेघपुरा, थाना बदनौर, जिला ब्यावर को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने दो स्वराज, एक फॉर्मट्रेक और एक आयशर ट्रैक्टर जब्त किए। इनमें भरे करीब 175 लीटर ट्रांसफॉर्मर ऑयल को भी जब्त किया गया।
अन्य वारदातों को लेकर पूछताछ जारी-
पुलिस ने मौके से फरार दोनों व्यक्तियों को नामजद किया है। साथ ही दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी डिटेन किया गया है। गिरफ्तार आरोपी अशोक रावत से जिले में अन्य विद्युत ट्रांसफॉर्मरों से ऑयल चोरी की वारदातों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस टीम-
कार्रवाई में उप निरीक्षक बाबूलाल, सहायक उप निरीक्षक भंवरलाल, कांस्टेबल दिनेश कुमार, प्रेमाराम, धर्मीचंद, सत्यप्रकाश, बाबूलाल तथा चालक कांस्टेबल रामूराम की भूमिका रही।