भोपाल। पंजाब के लुधियाना में आयोजित तीन दिवसीय श्री हनुमान कथा के दूसरे दिन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर महाराज) ने राज्य में बढ़ते नशे और धर्मांतरण के मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने पंजाब की वर्तमान स्थिति पर अपनी पीड़ा व्यक्त की और धर्मांतरण कराने वाली ताकतों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया।
पंजाब में नशा पूरी तरह बंद हो और धर्मांतरण रुके
बागेश्वर महाराज ने कहा कि पंजाब में विधर्मी और विदेशी ताकतें गली-गली व घर-घर जाकर लोगों को बहका रही हैं और उन्हें धर्मांतरण के जाल में फंसा रही हैं। उन्होंने कहा, “हमारी यह पीड़ा है कि पंजाब के हालात देखकर कई बार मन बहुत दुखी होता है। हालांकि सरकार, प्रशासन और समाजसेवी संगठन अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन दो प्रमुख समस्याओं पर तुरंत रोक लगनी चाहिए-पहला, पंजाब में नशा पूरी तरह बंद हो और दूसरा, धर्मांतरण का यह खेल रुके।”
धर्मांतरण के चक्कर में नहीं पड़ना
सिख समाज को संबोधित करते हुए उन्होंने गुरुओं की महान परंपरा और गुरुबाणी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जो सिख भाई सिर पर पगड़ी धारण करते हैं और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में अटूट आस्था रखते हैं, उन्हें किसी के बहकावे में आकर धर्मांतरण के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए।
पंजाब के सिख समाज को पूर्ण समर्थन का आश्वासन
उन्होंने आगे कहा, “तुम्हारे पास गुरुबाणी का अगाध ज्ञान है, नवम और दशम गुरुओं की महान परंपरा है। भगवान श्री गुरु गोविंद सिंह जी की असीम कृपा आपके ऊपर है और अमृतसर जैसा पवित्र व दिव्य दरबार आपके पास है। ऐसे में आपको कहीं और जाने की रत्ती भर भी जरूरत नहीं है।” बागेश्वर महाराज ने पंजाब के सिख समाज को पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए स्पष्ट किया कि वे इस लड़ाई में उनके साथ हैं और पंजाब की धरती पर नशा तथा धर्मांतरण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।