नीमच। मंदसौर से दिल्ली जा रही अशोक ट्रेवेल्स की बस क्रमांक एमपी 14 जेसी 9448 को कथित रूप से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हालत में करीब 40 यात्रियों के साथ नीमच से दिल्ली के 690 किलोमीटर लंबे सफर पर रवाना किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, बस का सामने का विंडशील्ड पूरी तरह गायब था, दरवाजा रस्सी से बंधा हुआ था और वाहन का अलाइनमेंट भी बिगड़ा हुआ था।
यात्रियों ने बस की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित वाहन उपलब्ध कराने की मांग की। आरोप है कि इस दौरान ट्रेवेल्स प्रबंधन एवं स्टाफ ने यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उसी बस से यात्रा करने का दबाव बनाया।
तीन घंटे खड़ी रही बस, कार्रवाई नहीं होने का आरोप-
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 24 सितंबर 2026 को गुरुवार शाम करीब 8.30 बजे से रात 11.38 बजे तक बस मौके पर खड़ी रही। इस दौरान मौजूद पत्रकारों ने यातायात थाना प्रभारी मलखान सिंह परमार को बस की स्थिति की जानकारी दी। आरटीओ नंदलाल गामड़ से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बावजूद मौके पर यातायात पुलिस नहीं पहुंची और बस को रवाना होने दिया गया। मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
ट्रेवेल्स प्रबंधन, चालक-परिचालक और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग-
यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने और कथित लापरवाही के मामले को लेकर जिला युवा प्रेस क्लब ने नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान को शिकायत आवेदन सौंपा है। आवेदन में अशोक ट्रेवेल्स प्रबंधन, चालक-परिचालक, यातायात थाना प्रभारी और आरटीओ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता एवं मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है।
शिकायत के साथ उपलब्ध साक्ष्य भी प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है। आवेदन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, परिवहन मंत्री, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, पुलिस महानिरीक्षक, जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक एवं मानवाधिकार आयोग सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है।
शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि यदि पांच दिवस के भीतर मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो पत्रकारों द्वारा चरणबद्ध तरीके से समाचार कवरेज किया जाएगा और सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायतें दर्ज कराई जाएंगी।
इस दौरान जिला युवा प्रेस क्लब अध्यक्ष राकेश मालवीय, हरीश अहीर, संजय यादव, अविनाश जाजपुरा, गोपाल मेहरा, बबलू किलोरिया, धीरज नायक, राजा कुरैशी, मोहिन शेख, हेमंत मेहरा, पंकज मेनारिया, महेश सुथार, भावेश मारू, शुभम नायक, विनोद गुर्जर सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
नोटरू बस की स्थिति, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच एवं आधिकारिक पुष्टि होना शेष है।