नीमच। जिले की जीरन तहसील क्षेत्र में झंझारवाड़ा से चीताखेड़ा होते हुए मल्हारगढ़ तक बन रही सड़क के निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों और भीम आर्मी ने विरोध प्रदर्शन किया। मिट्टी मिली गिट्टी की परत बिछाए जाने के आरोप के बाद ग्रामीणों ने चीताखेड़ा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया और निर्माण कंपनी के खिलाफ धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों और भीम आर्मी का आरोप है कि अंकिता इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड, निंबाहेड़ा द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा। ग्रामीणों का कहना था कि यदि इसी तरह घटिया सामग्री का उपयोग किया गया तो सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए।
प्रोजेक्ट मैनेजर ने मौके पर पहुंचकर दिया आश्वासन-
चक्का जाम की सूचना मिलने पर निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों के अनुसार, प्रोजेक्ट मैनेजर ने गिट्टी में मिट्टी मिली होने की बात स्वीकार करते हुए इसे हटाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि मिट्टी मिली गिट्टी को हटाकर उसकी जगह गुणवत्तापूर्ण काली गिट्टी का उपयोग किया जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजर के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त कर मार्ग को आवागमन के लिए खोल दिया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में दोबारा गुणवत्ता से समझौता किया गया तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।होते हुए मल्हारगढ़ तक बन रही सड़क के निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों और भीम आर्मी ने विरोध प्रदर्शन किया। मिट्टी मिली गिट्टी की परत बिछाए जाने के आरोप के बाद ग्रामीणों ने चीताखेड़ा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया और निर्माण कंपनी के खिलाफ धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों और भीम आर्मी का आरोप है कि अंकिता इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड, निंबाहेड़ा द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा। ग्रामीणों का कहना था कि यदि इसी तरह घटिया सामग्री का उपयोग किया गया तो सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए।
प्रोजेक्ट मैनेजर ने मौके पर पहुंचकर दिया आश्वासन-
चक्का जाम की सूचना मिलने पर निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों के अनुसार, प्रोजेक्ट मैनेजर ने गिट्टी में मिट्टी मिली होने की बात स्वीकार करते हुए इसे हटाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि मिट्टी मिली गिट्टी को हटाकर उसकी जगह गुणवत्तापूर्ण काली गिट्टी का उपयोग किया जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजर के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त कर मार्ग को आवागमन के लिए खोल दिया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में दोबारा गुणवत्ता से समझौता किया गया तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।