मनासा। सनातन सत्संग मंडल व्दारा अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के विद्वान युवा रामराष्ट्र आराधक साहित्याचार्य संत श्रीचेतनराम जी (उदयपुर)की प्रेरणा से मंदिरो की पावन नगरी में धर्म, आध्यात्म, संस्कार भाव को दृढ़ करने के साथ ही सामाजिक समरसता,परिवारो में सामंजस्य, संस्कार संवर्द्धन करते हुए प्रति मंगलवार सामुहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ व सत्संग की 106वीं कड़ी स्थानीय श्री अयोध्यापुरी पर हजारो सनातन परिवारो व्दारा सम्पन्न की गई। प्रारंभ में लाभार्थी परिवार के श्रीकन्हैयालाल छाबड़ा, तरूण छाबड़ा, अजय नकड़ा (गांधीसागर),सुनील छाबड़ा (रामपुरा) आदि व्दारा श्रीहनुमान जी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर सत्संग का आरंभ किया।
भजनावली में पवन नागदा ने श्रीहनुमान जी के गुणगान में भजनमाला सुनाई तो राजकुमार मारू ने आराधना के लिए मुझको लादो भजन वाली माला भजन सुनाया वहीं सत्यनारायण सोनी ने आज सर्वाधिक प्रचलित भजन मैने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार दई सुनाकर पूरे पाण्डाल को जोड़ लिया।विजय उपाध्याय ने अपने भजन अंजनी के लाल हनुमान आज मेरा संकट हरो से अपनी अरदास की तो अर्पित शर्मा ने लोकप्रिय भजन छम-छम नाचे देखो वीर हनुमाना से भक्तो को नृत्य करवा दिया। ओम सोनी ने श्रीहनुमान जी को अपनी शक्तियो को याद करवाते हुए भजन कुछ याद करो अपना पवनसुत वो बालपन सुनाया।साथ ही कमल विजयवर्गीय, अमित श्रीवास्तव ने भी भजनो की प्रस्तुति दी।सामुहिक प्रार्थना के अपने जीवन का सब भार प्रभु चरणों में समर्पित करते हुए सत्संग पूर्ण हुआ।
सनातन सत्संग मंडल व्दारा लाभार्थी छाबड़ा परिवार व सभी सनातन परिवारो के प्रति हार्दिक आभार प्रकट कर आगामी 107वें श्रीहनुमान चालीसा पाठ व सत्संग में 6अक्टोबर मंगलवार को ठीक रात्रि 8 बजे सपरिवार पधारने का आग्रह किया।