नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने गुरुवार को ट्रॉमा सेंटर एवं जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों की सुविधाओं, स्वच्छता एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों से चर्चा कर उपचार में लगने वाले समय तथा उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। साथ ही अस्पताल व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ट्रॉमा सेंटर में ड्रेसिंग यूनिट, ट्रॉमा वार्ड, उपचार व्यवस्था एवं साफ-सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी डॉक्टर से उपचार व्यवस्था की जानकारी ली और ट्रॉमा सेंटर में व्यवस्थाओं एवं स्वच्छता पर संतोष व्यक्त किया।
पैथोलॉजी लैब और सैंपल कलेक्शन व्यवस्था देखी-
कलेक्टर ने पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण कर सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था देखी तथा प्रक्रिया को अधिक सुचारु बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सिविल सर्जन को आवश्यकता के अनुसार सैंपल कलेक्शन यूनिट बढ़ाने के निर्देश दिए। इस दौरान रक्त का सैंपल देने पहुंचे समीर एवं बबली से भी जांच प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
परिजनों के लिए बैठक एवं शेड की व्यवस्था के निर्देश-
कलेक्टर ने मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए बैठक एवं शेड की समुचित व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। मेटर्निटी वार्ड के निरीक्षण के दौरान एक मरीज के साथ एक से अधिक परिजन मौजूद मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने वार्ड में एक मरीज के साथ केवल एक अटेंडेंट को प्रवेश देने के निर्देश दिए। वार्ड में प्रवेश व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने के लिए गेट पर होमगार्ड की ड्यूटी लगाने के निर्देश भी दिए गए।
ओपीडी एवं वार्डों का किया निरीक्षण-
कलेक्टर ने शिशु रोग ओपीडी का निरीक्षण कर मरीजों की संख्या एवं उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद प्रसव पश्चात वार्ड एवं शिशु वार्ड का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं तथा मरीजों की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
वार्डों में अधिक भीड़ मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भीड़ के कारण मरीजों को असुविधा होने के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों एवं उनके परिजनों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सिविल सर्जन को अस्पताल में स्वच्छता, अनुशासन एवं सभी स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही मरीज-केंद्रित व्यवस्था विकसित करने और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव, सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल सहित चिकित्सक, अस्पताल स्टाफ एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।