नीमच। बघाना थाना पुलिस की कार्रवाई को लेकर सिंधी समाज और एक युवक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने असली मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय 20 वर्षीय युवक कुशाल धनकानी को झूठे एनडीपीएस प्रकरण में फंसा दिया। मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
पुलिसकर्मियों पर वसूली और वाहन गायब करने के आरोप-
ज्ञापन में बघाना थाना पुलिसकर्मियों और आरक्षक वीरेंद्र की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि राजस्थान और मंदसौर क्षेत्र से जुड़े कथित मादक पदार्थ तस्करों से मिलीभगत कर उन्हें छोड़ दिया गया और इसके बाद कुशाल धनकानी को बालाजी धाम के पास स्थित पेट्रोल पंप से उठा लिया गया।
परिजनों के अनुसार, कुशाल के खिलाफ अपराध क्रमांक 318/2026 में 642 ग्राम एमडी ड्रग्स और 5 किलो डोडा चूरा जब्त किए जाने का प्रकरण दर्ज किया गया है। परिजनों ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरक्षक वीरेंद्र ने कुशाल की टीवीएस एक्सेस स्कूटी की चाबी अपने पास ले ली और वाहन वापस नहीं किया। परिजनों का दावा है कि वाहन लौटाने के एवज में रकम की मांग की जा रही है तथा पैसे नहीं देने पर आगे कार्रवाई की धमकी दी जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने की मांग-
पीड़ित के पिता गोविंद धनकानी और सिंधी समाज ने 24 सितंबर 2026 की रात से संबंधित बघाना थाना, पाटीदार किराना दुकान और पेट्रोल पंप के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की जांच से कुशाल को कथित रूप से उठाए जाने और पुलिस कार्रवाई से जुड़े घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। गोविंद धनकानी फोर जीरो चौराहे पर सब्जी का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
निष्पक्ष जांच नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी-
ज्ञापन के माध्यम से सिंधी समाज ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने तथा आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
समाज ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।