नीमच। मालवा के प्रसिद्ध सूफी संत बाबा शहाबुद्दीन (रह.) की दरगाह शरीफ नीमच सहित आसपास के क्षेत्र में आस्था और भाईचारे का प्रमुख केंद्र मानी जाती है। दरगाह शरीफ पर प्रतिवर्ष उर्स मुबारक का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल होकर रूहानी फैज़ हासिल करते हैं। यह दरगाह हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक भाईचारे की मिसाल भी बनी हुई है।
बाबा शहाबुद्दीन (रह.) की बरसी ग्यारहवीं शरीफ के अवसर पर इस वर्ष चांद की 27 तारीख, शनिवार 10 अक्टूबर 2026 को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह कुरान ख्वानी से होगी। इसके बाद अकीदतमंदों की ओर से दरगाह शरीफ के गुंबद पर ‘नूरानी कलश’ चढ़ाया जाएगा।
इसके साथ ही दरगाह शरीफ पर चादर पेश की जाएगी और फूल अर्पित कर अमन-चैन व खुशहाली की दुआ की जाएगी। इसके बाद आमजन और अकीदतमंदों के लिए लंगर का आयोजन किया जाएगा।
मोहम्मद जाहिद कादरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष पहली बार अकीदतमंदों की ओर से दरगाह शरीफ के गुंबद पर कलश चढ़ाया जाएगा। जबकि लंगर सहित अन्य आयोजन उनकी ओर से किए जाएंगे।
उन्होंने सभी अकीदतमंदों से 10 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।