मच। नवरात्रि पर्व के दौरान जिले में मांस, मछली एवं अंडे की बिक्री और प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि नवरात्रि हिंदू समाज का महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है। नौ दिवसीय पर्व के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक व्रत, पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। ऐसे में पर्व की अवधि में धार्मिक एवं सात्त्विक वातावरण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की गई।
प्रतिनिधियों ने मांग की कि नवरात्रि की संपूर्ण नौ दिवसीय अवधि के दौरान नीमच जिले के नगर पालिका, नगर परिषद एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मांस, मछली एवं अंडे की दुकानों पर बिक्री एवं प्रदर्शन पर रोक लगाने संबंधी आवश्यक प्रशासनिक आदेश जारी किया जाए।
ज्ञापन में संबंधित नगर पालिका, नगर परिषद, ग्राम पंचायत, पुलिस विभाग, खाद्य विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को आदेश का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देने तथा उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई।
प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मांग किसी समुदाय विशेष के विरुद्ध नहीं है, बल्कि नवरात्रि पर्व के दौरान धार्मिक भावनाओं, सार्वजनिक शांति एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है।
ज्ञापन में बाबूलाल नागदा, दिलीप छाजेड़ (सदस्य, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ चेन्नई), प्रवीण शर्मा (जिला महामंत्री, अखिल भारतीय मानवाधिकार निगरानी समिति, नीमच), मनीष जैन मारू (नगर अध्यक्ष, अखिल भारतीय मानवाधिकार निगरानी समिति, नीमच), नीलेश कोठारी, गजेंद्र चावला, संजय गौहर, दिलीप शर्मा एवं राहुल नीमा सहित अन्य के नाम शामिल हैं।