दूदरसी। बिसलवास कलां बिजली ग्रिड क्षेत्र में मंगलवार को खंभे पर सुधार कार्य कर रहे संविदा लाइनमैन की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम अमावली महल निवासी प्रताप सिंह शक्तावत के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार 6 अक्टूबर को बिसलवास कलां बिजली ग्रिड क्षेत्र में बिजली सप्लाई बंद करने का परमिट सुबह 8 बजे से शाम 3 बजे तक लिया गया था। इसी दौरान बिजली के खंभे पर आवश्यक सुधार कार्य किया जा रहा था। प्रताप सिंह शक्तावत खंभे पर चढ़कर कार्य कर रहे थे। बताया गया कि दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक बिजली सप्लाई चालू हो गई, जिससे प्रताप सिंह करंट की चपेट में आ गए और खंभे से नीचे गिर पड़े। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब सुबह 8 बजे से शाम 3 बजे तक बिजली बंद रखने का परमिट लिया गया था, तो दोपहर 2:30 बजे अचानक बिजली सप्लाई कैसे शुरू हुई। परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रताप सिंह के परिवार ने दोषी के खिलाफ कार्रवाई के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो ग्रामीणों के साथ जिलाधीश कार्यालय का घेराव किया जाएगा और भूख-हड़ताल भी की जाएगी।
ग्रामीणों के अनुसार प्रताप सिंह शांत, सरल और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। आसपास के गांवों में लोग उन्हें ‘बापू साहब’ के नाम से जानते थे। गांव या घरों में बिजली आपूर्ति से जुड़ी कोई समस्या होने पर वे तत्काल मौके पर पहुंचकर उसे ठीक करने का प्रयास करते थे। उनके निधन से ग्रामीणों और परिचितों में भी शोक की लहर है।