मनासा। भाटखेड़ी निवासी 11 वर्षीय बालक की मौत के बाद परिजनों ने पुरानी अस्पताल के सामने चक्काजाम कर दिया। परिजनों ने निजी चिकित्सक पर उपचार के दौरान इंजेक्शन लगाने के बाद बालक की तबीयत बिगड़ने और उसकी मौत होने का आरोप लगाया। मामले में परिजनों ने 10 लाख रुपए मुआवजे के साथ संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजनों के अनुसार बालक की तबीयत खराब होने पर उसे लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित डॉ. सुनील पाटीदार के यहां उपचार के लिए ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद अचानक बालक की तबीयत बिगड़ गई। उसके मुंह से झाग आने लगे और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
बालक की मौत के बाद परिजन और अन्य लोग पुरानी अस्पताल के सामने एकत्रित हो गए और चक्काजाम कर दिया। इस दौरान परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई तथा 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग रखी।
सूचना मिलने पर पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा कर उन्हें समझाइश दी। काफी देर की समझाइश के बाद परिजन शव का नीमच जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने की बात पर सहमत हुए।
पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बालक की मौत के वास्तविक कारणों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में चिकित्सक से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।