खरगोन/कसरावद। नवरात्रि में बिजली कटौती से परेशान बालसमुद के ग्रामीण सोमवार शाम सडक़ पर उतर आए। शाम 6 बजे बिजली गुल होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बस स्टैंड पर चक्काजाम कर विद्युत कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि नवरात्रि में शाम 5 से रात 12 बजे तक बिजली कटौती नहीं करने का लिखित आश्वासन देने के बावजूद विभाग ने बिजली बंद कर दी।
ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार को शाम 6 से 8 बजे तक कटौती का संदेश जारी किया गया था। बिजली बंद होने से गांव के किसी भी पंडाल में माता रानी की आरती नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने कहा इसी समय आरती और गरबा आयोजन होते हैं, ऐसे में कटौती से धार्मिक कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि बालसमुद से करीब आठ किलोमीटर दूर कसरावद में बिजली चालू है, जबकि गांव में कटौती की जा रही है।
पुलिस ने चालू करवाई बिजली,ग्रामीणों ने बंद करवाई, फिर भी नहीं हटे ग्रामीण
चक्काजाम की सूचना पर कसरावद एसडीओपी श्वेता शुक्ला,थाना प्रभारी इंद्रेश त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने विद्युत कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की, जिसके बाद शाम करीब 7 बजे बिजली सप्लाई शुरू करवाई गई लेकिन ग्रामीण विद्युत मंडल पहुंचे और बिजली बंद करवा दी हालांकि, ग्रामीण वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाकर स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के दौरान एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों को रास्ता दिया जा रहा था।
एक सप्ताह में दो बार कर चुके घेराव
ग्रामीणों ने बताया लगातार कटौती से परेशान होकर वे एक सप्ताह में दो बार विद्युत कंपनी कार्यालय का घेराव कर चुके हैं। इसके बाद कार्यपालन यंत्री मंडलेश्वर की मौजूदगी में कनिष्ठ यंत्री ऋषभ कुमार ने नवरात्रि में निर्धारित समय पर बिजली कटौती नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन का पालन नहीं होने से उन्हें आंदोलन करना पड़ा। खबर लिखे जाने तक चककाजाम जारी था। इस दौरान पांच किमी लंबी वाहनों की कतारें लग गई। देर रात एसडीओपी श्वेता शुक्ला भी मौके पर पहुंची।