नई दिल्ली/निंबाहेड़ा। लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर सोमवार को नई दिल्ली में ‘चलो दिल्ली–मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ का आयोजन किया गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर आयोजित इस मार्च में राजस्थान सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना भी शामिल हुए। उनके साथ चित्तौड़गढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के जिला महासचिव मनोज पारख भी मौजूद रहे।
बाराखंबा रोड क्षेत्र से सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए इस मार्च में विपक्षी दलों के नेताओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए।
SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची पर जताई चिंता-
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का उद्देश्य मतदाता सूची की जांच और उसे अद्यतन करना है। इस प्रक्रिया के तहत पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने तथा अपात्र और मृत व्यक्तियों के नाम हटाने का कार्य किया जाता है। हालांकि, विपक्ष ने आरोप लगाया कि पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिससे पात्र नागरिकों के मताधिकार पर असर पड़ने की आशंका है।
मार्च में शामिल नेताओं ने मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग की जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित होना आवश्यक है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग-
मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विरोध जताया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष की प्रमुख मांगों में SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग शामिल रही। आयोजकों के अनुसार, मार्च के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर इन मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया।
लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा पर जोर-
मार्च के दौरान राहुल गांधी ने विपक्षी दलों, युवाओं और नागरिक संगठनों से राजनीतिक दल, जाति, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के मुद्दे पर एकजुट होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी ने मतदाता जागरूकता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों की भूमिका को लेकर चर्चा को प्रमुखता दी। मार्च के जरिए विपक्ष ने प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की सुरक्षा, मतदाता सूची में पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग राष्ट्रीय स्तर पर उठाई।