नीमच। हजरत मोइनुद्दीन सरकार का उर्स-ए-मुबारक (यौमे-विसाल) 13 अक्टूबर को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अकीदतमंदों ने सरकार की दरगाह पर चादर शरीफ पेश कर अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। कार्यक्रम के दौरान लंगर वितरण और महफिल-ए-शमां का आयोजन भी किया गया, जिसमें विभिन्न समाजों के लोगों और जायरीनों ने भाग लिया।
इस संबंध में खिदमतगुजार हकीम बाबा और आरिफ शेख ने बताया कि उर्स के अवसर पर सुबह 10 बजे आस्ताने पर चादर शरीफ और अकीदत के फूल पेश किए गए। इसके बाद सुबह 11 बजे लंगर तकसीम किया गया। कार्यक्रम में हजरत मोइनुद्दीन सरकार की शिक्षाओं, प्रेम, शांति और इंसानियत के संदेश को याद किया गया।
महफिल-ए-शमां में सूफियाना कलाम की प्रस्तुति-
उर्स के अवसर पर आयोजित महफिल-ए-शमां में हाजी अकरम-उमर कव्वाल पार्टी ने सूफियाना कलाम पेश कर समां बांधा। कव्वालों ने 'सज रहा है आस्ताना मोइनुद्दीन सरकार का', 'क्या नूर बरसता है मोइनुद्दीन की चौखट पर' और 'में लाई हूं नूर की चादर' जैसे कलाम प्रस्तुत किए। अकीदतमंदों ने कव्वाली का आनंद लिया और सरकार की बारगाह में अपनी अकीदत पेश की।
सभी समाजों के लोगों ने की शिरकत-
कार्यक्रम में मौलाना शोएब बरकाती, शेख सैय्यद पठान कमेटी के सदर सलीम खान, मोबीन भाई ऑटो, आशिक कुरैशी, हेमंत भाई मावे वाले, सुनील शर्मा उर्फ कालू भाई चाय वाले, मुकेश गर्ग, ओम शर्मा, लक्ष्मण पाटीदार, सैय्यद हसन अली, मुन्ना भाई और फिरोज भाई अब्बासी सहित विभिन्न समाजों के लोग एवं सरकार के चाहने वाले जायरीन मौजूद रहे।
उर्स के आयोजन ने प्रेम, भाईचारे, इंसानियत और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। अकीदतमंदों ने सरकार की शिक्षाओं को याद करते हुए देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।