नीमच। जिले के जीरन थाना क्षेत्र के कचौली गांव में जमीन बंटवारे और पुराने कोर्ट केस की रंजिश के चलते हुई हत्या के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार बाजोरिया की अदालत ने नारूलाल, नरेंद्र, सुनील और प्रहलाद को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जमीन बंटवारे को लेकर हुआ था विवाद-
घटना 9 जुलाई 2024 की रात करीब 11 बजे की है। फरियादिया मायाबाई ने पुलिस को बताया था कि कचौली गांव में उनके खेत और मकान के पास जमीन के बंटवारे को लेकर अदालत में विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते उनकी सास कंचनबाई और देवर गोपाल आपस में बातचीत कर रहे थे। तभी पड़ोस में रहने वाले नारूलाल, उसके पोते सुनील और नरेंद्र तथा दामाद प्रहलाद वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे।
गोपाल ने इसका विरोध किया तो चारों ने उस पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। इसी दौरान सुनील ने लकड़ी से गोपाल के सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर वहां से चले गए।
उदयपुर में इलाज के दौरान हुई थी मौत-
घायल गोपाल को पहले नीमच जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे उदयपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया और मामले में हत्या की धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), जोड़ी, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के समकक्ष है।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से सुनील का मोबाइल फोन और सिम जब्त की। चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद 25 सितंबर 2024 को अदालत में चालान पेश किया गया।
14 गवाहों के बयान के बाद सुनाया फैसला-
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने गवाहों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
प्रकरण में शासन की ओर से जिला लोक अभियोजक नीमच चंचल बाहेती और अपर लोक अभियोजक इमरान खान ने पैरवी की।