छतरपुर। नौगांव में मजदूरी के 20 रुपये के विवाद ने एक मजदूर की जान ले ली। वार्ड नंबर 18 निवासी धर्मपाल अहिरवार की जिला अस्पताल में मौत के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए तहसील चौराहे पर जाम मृतक का शव रखकर जाम लगा दिया।,मृतक की पत्नी ने नौगांव पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उसके पति धर्मपाल ने जितेन्द्र उर्फ जीतू साहू से मजदूरी के 50 रुपये मांगे थे, जितेन्द्र ने 30 रुपये दिए थे। इसी 20 रुपये के लेनदेन को लेकर 22 अक्टूबर को जितेन्द्र और उसके माता-पिता गौरीशंकर साहू और उसकी मां ने लाठी-डंडों से धर्मपाल के साथ मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मेडिकल कराया और सीटी स्कैन के लिए छतरपुर रेफर किया था।पत्नी का आरोप है कि 27 अक्टूबर की सुबह 7-8 बजे धर्मपाल सब्जी मंडी गया था। सुबह 10-11 बजे थाने से सीटी स्कैन के लिए छतरपुर ले जाने का फोन आया तो बेटा सौरभ दोस्त राहुल के साथ उसे बुलाने गया। तब धर्मपाल जितेन्द्र की दुकान पर पड़ा चिल्ला रहा था। उसने बताया कि पुराने मामले में राजीनामा का दबाव बनाकर मना करने पर तीनों ने मारपीट की और जबरन जहरीला पदार्थ पिला दिया।,बेटा उसे घर ले गया, फिर सिविल अस्पताल नौगांव और वहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल छतरपुर रेफर किया गया, जहां दोपहर करीब 3 बजे उसकी मौत हो गई। रास्ते भर वह मारपीट और जहर पिलाने की बात कहता रहा।,मृतक की पत्नी ने संतोष अहिरवार, स्नेहा अहिरवार, सौरभ और राहुल को गवाह बताते हुए जितेन्द्र उर्फ जीतू साहू, गौरीशंकर साहू और उसकी मां पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। तीन घंटे तक लगे जाम के बाद एसडीओपी की समझाईश के बाद खुला जाम ,इस मामले की पुलिस जांच कर रही है।एसडीओपी का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद धाराएं बढाई जायेगी।