नीमच। अफीम नीति को लेकर किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि उन्हें 10 आरी के पट्टे दिए जाने चाहिए और लुरनी - चिरनी की व्यवस्था भी होनी चाहिए। किसानों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि हर बार नई नीति क्या लेकर आएगी, इसका किसी को पता नहीं रहता। ऐसे में किसान अपने बच्चों और परिवार को लेकर आखिर कहां जाएं?
किसान जगदीश ने सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों के हित में काम कर रही है, तो 1997-98 के पुराने पट्टे जारी किए जाने चाहिए और सभी पात्र किसानों को पट्टों का लाभ मिलना चाहिए।
किसान ने कहा कि पहले 4.2 मॉर्फिन के आधार पर पट्टे देने की बात कही गई थी, लेकिन किसानों को इसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताते हुए मांग की कि अफीम नीति में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।