भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। इसके साथ ही उन्होंने जहरीली शराब मामले, नर्सिंग घोटाले और एप्सटीन फाइल्स से जुड़े मुद्दों पर प्रदेश और केंद्र की बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया।
क्या एमपी में कोई योग्य नहीं?
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में क्या कोई योग्य स्थानीय व्यक्ति नहीं था, जो बाहर के नेता को यहाँ से राज्यसभा भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरदीप पुरी को उच्च सदन में लाने के लिए एक दलित व्यक्ति से जबरन इस्तीफा दिलवाया गया है, जो कि दलित वर्ग के साथ अन्याय है। जीतूने एप्सटीन फाइल्स का हवाला देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े विवादों पर भी बयान दिए और कहा कि इस मामले को लेकर देश और सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
पुतला दहन का ऐलान
कांग्रेस पार्टी ने इस फैसले के विरोध में आक्रामक रुख अपनाते हुए ब्लॉक स्तर पर हरदीप पुरी के पुतले जलाने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं, उनके खिलाफ कांग्रेस का उम्मीदवार उतारे जाने के सवाल पर पटवारी ने कहा कि समय आने पर इसका उचित जवाब दिया जाएगा।
जहरीली शराब मामले पर सरकार को खुली चुनौती
प्रदेश में सामने आए जहरीली शराब के मामलों में एक कांग्रेस नेता के बेटे का नाम आने के सवाल पर पलटवार करते हुए जीतू पटवारी ने सरकार को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा- “सरकार जब चाहे इस मुद्दे पर मुझे बुला ले। प्रदेश के किसी भी 10 गाँवों में चलकर स्थिति देख ली जाए, आज भी सरकार के संरक्षण में अवैध शराब बिकवा रही है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सवाल यह नहीं होना चाहिए कि केमिकल कहाँ खरीदा गया, बल्कि मुख्य सवाल यह है कि केमिकल बेचने वाले मुख्य आरोपी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पुलिस को अपराधी और व्यक्ति देखकर नहीं, बल्कि कानून के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए।
खुद नर्सिंग घोटाले में फंसे हैं, सरकार आने पर भागेंगे
मंत्री विश्वास सारंग द्वारा शराब के मुद्दों को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर तीखा प्रहार करते हुए पीसीसी चीफ ने कहा कि विश्वास सारंग खुद नर्सिंग महाघोटाले में फंसे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आएगी, तब इन मामलों की निष्पक्ष जाँच होगी और तब विश्वास सारंग भागे-भागे फिरेंगे।