नीमच। मध्यप्रदेश पुलिस एवं स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय तथा संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के सहयोग से संचालित ‘सृजन संवाद योजना’ के अंतर्गत शुक्रवार, 30 अक्टूबर को श्री सीताराम जाजु शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में कानूनी जागरूकता, सुरक्षा बोध, जिम्मेदार नागरिकता और न्याय तक पहुंच के प्रति समझ विकसित करना रहा।
छात्राओं को बताए महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एएसपी हेमलता अग्रवाल ने छात्राओं को महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने महिला उत्पीड़न, छेड़छाड़, पीछा करने, साइबर स्टॉकिंग, सोशल मीडिया पर अभद्र संदेश भेजने, फर्जी प्रोफाइल बनाने तथा निजी फोटो और वीडियो के दुरुपयोग जैसे अपराधों के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में छात्राओं को डरने या संकोच करने के बजाय खुलकर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पुलिस उनकी सहायता के लिए सदैव तत्पर है। इस दौरान आपातकालीन सहायता नंबर डायल-112 और महिला सुरक्षा से जुड़ी पुलिस सेवाओं की जानकारी भी दी गई।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
एएसपी अग्रवाल ने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए छात्राओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल तकनीक के विस्तार के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें तथा आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
साथ ही छात्राओं को साइबर अपराध का शिकार होने पर बिना किसी भय या संकोच के पुलिस से संपर्क करने, डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और सही जानकारी उपलब्ध कराने की समझाइश दी गई।
बड़ी संख्या में छात्राओं ने लिया भाग
कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा पार्वती गौड़, महाविद्यालय की प्राचार्य प्रतिभा कालानी सहित कॉलेज स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, डिजिटल दुनिया में सतर्कता बरतने और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।